कई राज्यों से आए संत गोपालदास के समर्थकों ने एम्स के खिलाफ शुरु किया धरना, बड़े आंदोलन की तैयारी
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एम्स प्रबंधन के खिलाफ धरना शुरू हो गया है। देर शाम संत गोपाल के समर्थक और मातृ सदन से आए लोगों ने परिसर में सांकेतिक धरना दिया। खुद को संत गोपाल का सहयोगी बताने वाले विकास का आरोप है कि चिकित्सकों ने गोपालदास के पूरे शरीर को इंजेक्शन से छलनी कर दिया है।
बाहर से आने वाले सहयोगियों की बात छोड़िए मुझे भी आसानी से नहीं मिलने दिया जाता। एम्स प्रबंधन की ज्यादती अब बर्दाश्त के बाहर हो गई है। उनका आरोप है कि शनिवार की रात संत गोपाल के पैर में हैवी डोज का इंजेक्शन लगाने पूरे शरीर में असहनीय जलन होने लगी और देर रात वे घंटों चीखते रहे।
आखिर में थककर शिथिल हो गए। इसके बावजूद उनके पास नहीं जाने दिया गया। उनका कहना है कि यदि इसी तरह का रवैया रहा तो धरना अनवरत किया जाएगा। धरने पर स्वामी चेतसानंद, स्वामी दयानंद, मधु जोशी, गौरव राजपूत, अरविंद हटवाल, नवीन शर्मा आदि मौजूद रहे।
पीएम मोदी को भेजे पत्र का इंतजार
स्वामी गोपालदास ने कहा कि मां गंगा के संरक्षण को लेकर जिस तरह का माहौल है, उसमें देशभर के संतों, विद्वानों और गंगाप्रेमियों को भी अपना मौन तोड़ देना चाहिए। जीवनदायिनी गंगा की बर्बादी का तमाशा मूकदर्शक बनकर कब तक लोग देखते रहेंगे।
पहाड़ पूंजीपतियों की बपौती नहीं है। गंगा संरक्षण के लिए एनजीटी, कैग, शोध संस्थानों और सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों तक को ताक पर रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इंतजार है कि कब जवाब आएगा। इसके साथ ही आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी।