ड्यूटी पर सैनिक की मौत बना राज, परिजनों बोले, हत्या की आशंका
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अरुणाचल प्रदेश में सेना की 9 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात एक सैनिक की शनिवार को यहां झूलाघाट में महाकाली के तट पर सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई। सैनिक की मौत किन कारणों से हुई इसका खुलासा पार्थिव शरीर लेकर आए जवान नहीं करना चाहते। अलबत्ता मृतक के परिजनों ने आशंका जताई है कि उसकी हत्या कर दी गई है और सेना के अधिकारी इस बात को छिपा रहे हैं।
मूल रूप से दोबांस ग्राम पंचायत के रीठाखानी गांव निवासी मनमोहन प्रकाश (25) पुत्र शिवराम इस समय 9 कुमाऊं में अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। मनमोहन ने पिथौरागढ़ नगर के विण में नया मकान बनाने का काम शुरू किया था और वह पिछले दिनों मकान का लिंटर डालने के बाद अपनी यूनिट में लौटे थे, लेकिन बृहस्पतिवार को उनके निधन की सूचना आ गई। परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार को मनमोहन ने कई बार परिवार के लोगों से बात करने का प्रयास किया था, लेकिन दोबांस क्षेत्र में नेटवर्क न होने के कारण बात नहीं हो पाई। मृतक के पिता शिवराम भी सेना से अवकाशप्राप्त हैं।
आत्महत्या की होती तो इसका कोई तो प्रमाण मिलता
दिवंगत सैनिक के मामा जोगाराम ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने मनमोहन द्वारा आत्महत्या करने की सूचना दी थी। वह कहते हैं कि यदि आत्महत्या की होती तो इसका कोई तो प्रमाण मिलता। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों को छिपाया जा रहा है। वह इस मामले की जांच के लिए सेना प्रमुख को पत्र लिखेंगे।
परिजनों ने बताया कि मनमोहन ने दिसंबर में छुट्टी आकर शादी करने का फैसला लिया था। तब तक उनके मकान का काम भी पूरा हो जाता, लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई। मनमोहन पांच वर्ष पहले भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। सैनिक का पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिवार के लोग बेसुध हैं। उनके अंतिम संस्कार के समय कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता खीमराज जोशी, निर्मल लोहिया, गोविंद राम, अजय महर के अलावा बड़ी संख्या में सेना के जवान मौजूद थे। सेना के जवानों ने दिवंगत सैनिक को अंतिम सलामी दी।