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उत्तराखंड के स्वरूप को बदलने को नहीं दिया था बलिदान : भारती
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देहरादून। उत्तराखंड की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने 25 साल पहले जो बलिदान दिया था वह इसलिए नहीं कि जब चाहे तब इसके स्वरूप को बदल दिया जाए। इससे उत्तराखंड की संस्कृति को भी नुकसान होगा।
यह कहना है समाज सेवी दर्शन भारती का। दर्शन भारती की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इन दिनों सोशल मीडिया में खबरें फैलाई जा रही हैं कि यूपी के मुरादाबाद मंडल के चार जिलों को उत्तराखंड में मिलाने की तैयारी हो रही है। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही इस पर जल्द फैसला ले सकती हैं। भारती के अनुसार यह सब एक संगठन विशेष जातीय गणित के हिसाब से कर रहा है। ताकि राजनीति में लाभ लिया जा सके। जबकि, यदि ऐसा हुआ तो यह उत्तराखंड के उन बलिदानियों का अपमान होगा जिन्होंने 25 वर्ष पहले अपने सीने पर गोलियां खाई थीं। उन माताओं का अपमान होगा जो अविभाजित राज्य की पुलिस की बर्बरता का शिकार हुई थीं। इसके अलावा उत्तराखंड की संस्कृति इस पूरे क्षेत्र से बिल्कुल अलग है। ऐसे में यदि सरकारें इस पर फैसले लेती हैं तो उत्तराखंड की संस्कृति को भी भारी नुकसान होगा।
एक दिन में नहीं हटा अनुच्छेद 370
दर्शन भारती ने बताया कि निसंदेह कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का श्रेय मौजूदा सरकार को ही जाता है, लेकिन इसके लिए सैकड़ों लोगों ने जिनमें वे खुद शामिल थे दो दशक तक लड़ाई लड़ी। भारती ने बताया कि उन्होंने कई यात्राएं की थीं। अलगाववादियों के साथ कई बार संवाद किए। यह सफलता भी कई नेताओं और लोगों की दशकों की मेहनत का परिणाम है।
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यह कहना है समाज सेवी दर्शन भारती का। दर्शन भारती की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इन दिनों सोशल मीडिया में खबरें फैलाई जा रही हैं कि यूपी के मुरादाबाद मंडल के चार जिलों को उत्तराखंड में मिलाने की तैयारी हो रही है। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही इस पर जल्द फैसला ले सकती हैं। भारती के अनुसार यह सब एक संगठन विशेष जातीय गणित के हिसाब से कर रहा है। ताकि राजनीति में लाभ लिया जा सके। जबकि, यदि ऐसा हुआ तो यह उत्तराखंड के उन बलिदानियों का अपमान होगा जिन्होंने 25 वर्ष पहले अपने सीने पर गोलियां खाई थीं। उन माताओं का अपमान होगा जो अविभाजित राज्य की पुलिस की बर्बरता का शिकार हुई थीं। इसके अलावा उत्तराखंड की संस्कृति इस पूरे क्षेत्र से बिल्कुल अलग है। ऐसे में यदि सरकारें इस पर फैसले लेती हैं तो उत्तराखंड की संस्कृति को भी भारी नुकसान होगा।
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एक दिन में नहीं हटा अनुच्छेद 370
दर्शन भारती ने बताया कि निसंदेह कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का श्रेय मौजूदा सरकार को ही जाता है, लेकिन इसके लिए सैकड़ों लोगों ने जिनमें वे खुद शामिल थे दो दशक तक लड़ाई लड़ी। भारती ने बताया कि उन्होंने कई यात्राएं की थीं। अलगाववादियों के साथ कई बार संवाद किए। यह सफलता भी कई नेताओं और लोगों की दशकों की मेहनत का परिणाम है।
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