उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास जैसा दिखता है सचिन तेंदुलकर का आशियाना
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सचिन तेंदुलकर का आशियाना तोड़ने के आदेश हाईकोर्ट दे चुका है। आइए, जानते हैं सचिन के आशियाने की खास बातें, जो इसे अन्य बंग्लों से अलग करती हैं...
ढहलिया बैंक की बनावट उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास जैसी है। सुरक्षा के लिए इसके चारों ओर पत्थरों से दीवार बनाई गई है। ढहलिया बैंक हाउस करीब 1.672 एकड़ में बना हुआ है। यह करीब 100 साल पुरानी पहाड़ी शैली पर बनी हुई इमारत है।
यह भी चर्चा है कि इस बंगले के असली मालिक सचिन तेंदुलकर हैं, जिसे वर्ष 2011 में उनके खास दोस्त संजय नारंग के नाम पर खरीदा गया था। बंगले में स्विमिंग पूल, बिलियर्ड, स्नूकर रूम, टेबल टेनिस, टेनिस कोर्ट, बार रूम और 50 सीटों वाला थियेटर भी है।
बंगले में कुल छह बेडरूम हैं, जिनकी छत पर पहाड़ी पठाल लगी हुई है। समुद्रतल से 7500 फीट ऊंचाई पर बना यह बंगला प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा दिखाता है।
विवादों से रहा है सचिन के आशियाने का गहरा नाता
ढहलिया बैंक हाउस से मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का जितना लगाव है, उतना ही नाता इस प्रॉपर्टी का विवादों से रहा है। मरम्मत के नाम पर अनुमति न मिलने के बाद भी इस परिसर में निर्माण कार्य कराए गए। इस मामले को लेकर कैंट बोर्ड और सचिन के मित्र संजय नारंग के बीच कई साल से विवाद है।
बताया जाता है कि इस दौरान संजय नारंग ने इस परिसर में आलीशान निर्माण कर डाले हैं। यहां पूल और तालाब के अलावा भी कई ऐसे निर्माण हुए हैं, जो कि भव्य बताए जाते हैं। मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से अक्सर विवादों में रहा है।
वर्ष 2016 में सचिन तेंदुलकर पर भी यह आरोप लगा था कि उन्होंने मामले में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर से सिफारिश की थी। हालांकि बाद में सचिन ने इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए इससे इनकार किया था।
जुलाई 2016 में विवादों में आए थे सचिन
ढहलिया बैंक हाउस को तोड़ने के कैंट बोर्ड के आदेशों के चलते जुलाई 2016 में सचिन तेंदुलकर उस वक्त विवादों में फंस गए थे, जब उन पर मामले में कैंट बोर्ड से राहत को तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर से सिफारिश लगाने का आरोप लगा था।
हालांकि बाद में सचिन ने इस पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि इस प्रॉपर्टी का उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने केवल एक बैठक में इस विवाद को देखते हुए रक्षा मंत्री से हल निकालने की गुजारिश की थी।