भारत में आकर अनशन पर बैठा रूसी नागरिक, ये है बड़ी वजह
एक रूसी नागरिक सेरगुए राजवाजिएय भारत में आकर अनशन पर बैठ गया है। उसने जो इसकी वजह बताई है उसे जानकर आप भी हैरानी में पड़ जाएंगे।
यह नागरिक बिना बीजा के उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसकी तबियत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लेकिन वह खुद को निर्दोष बताता रहा। अब वह जिला अस्पताल बौराड़ी में भूख हड़ताल पर डटा है। उसका कहना है कि उसने दूतावास से उसे शरणार्थी घोषित करने की मांग की है। लेकिन अभी तक मेल का कोई जवाब नहीं आया है।
कहा कि जब तक कोई जवाब नहीं आएगा तब तक वह ऐसे ही अनशन पर बैठा रहेगा। बता दें कि गिरफ्तारी के दौरान सेरगुए ने रूस दूतावास को ईमेल के जरिए अपनी गिरफ्तारी की सूचना दी थी।
दूतावास की कार्यप्रणाली से है नाराज
उन्होंने रूसी दूतावास से शरणार्थी घोषित करने की मांग की है, लेकिन मेल का जवाब अभी तक नहीं आया है। इस कारण तीन जुलाई को टिहरी जेल में आने के बाद सेरगुए ने खाना नहीं खाया है।
पांच जुलाई को जेल प्रशासन ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी और सेरगुए को जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती करा दिया। शनिवार को डाक्टरों ने उससे खाना खाने के लिए कहा तो सेरगुए ने कहा कि जब तक उसे दूतावास का जवाब नहीं मिल जाता, तब तक वह खाना नहीं खाएगा।
अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच बंदी को रखा गया है। टिहरी के प्रभारी जेलर आरएस राणा ने बताया कि रूसी बंदी 18 साल से भारत में रह रहा है। तीन जुलाई को जेल में आने के बाद उसने खाना नहीं खाया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा।
डा. विनीता ने बताया कि उसकी हालत अभी सही है। थोड़ा शुगर लेबल डाउन है। डीएम सोनिका ने बताया कि रूसी दूतावास को सेरगुए के भूख हड़ताल के संबंध में सूचित कर दिया गया। भोजन ग्रहण करने के लिए उन्हें मनाया जा रहा है।