उत्तराखंड के इस IAS अफसर ने बच्चों के भविष्य के लिए शुरू की नई पहल, जानकर खुश हो जाएंगे आप
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इन दिनों एक ओर जहां देशभर में स्कूली बच्चों के प्रति हिंसा की खबरें अभिभावकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। वहीं, दूसरी इस आईएएस अफसर ने बच्चों के लिए ऐसी पहल शुरू की है, जिससे अभिभावकों के चेहरे खिल जाएंगे...
आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रयासरत युवा/युवती व छात्र-छात्राओं को अब, कोचिंग के लिए देहरादून की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने स्वयं के प्रयास से सिविल सर्विसेज सहित अन्य प्रतियोगिती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा/युवतियों के लिए जिला मुख्यालय में कोचिंग देने की शुरूआत कर दी है।
जनपद में तैनाती के बाद से डीएम घिल्डियाल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए समर्पित हैं। उनकी टीम भी उनका पूरा सहयोग कर रही है। नगर क्षेत्र से लेकर दूर-दराज के स्कूलों का निरीक्षण कर वे स्कूली बच्चों को जहां वे पढ़ा रहे हैं। वहीं, विभागों के 90 अधिकारियों द्वारा अन्य स्कूलों को गोद लिया गया है।
इधर, जिलाधिकारी ने एक नई अभिवन पहल शुरू की है। वे, इंटर स्तर के छात्र-छात्राओं को करियर के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। इसी दिशा में उन्होंने अब, नि:शुल्क कोचिंग देना भी शुरू कर दिया है। बीते एक सप्ताह से जीआईसी रुद्रप्रयाग को कोचिंग सेंटर बनाया गया है, जहां सोमवार से शनिवार तक प्रात: 8 से 10 बजे तक वे 50 अभ्यर्थियों को सीपीएमटी, यूपीएमटी, पीसीएस, आईपीएस, आईएएस, यूपीएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाअें की तैयारी की कोचिंग दे रहे हैं।
कोचिंग लेने पहुंच रहे छात्र/छात्राओं को अंग्रेजी व हिंदी माध्यम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सफल होने के टिप्स दिए जा रहे हैं। इन परीक्षाओं में एक विशेष विषय भूगोल, इतिहास, भारतीय अर्थव्यस्था, भारतीय राजनीति, भारतीय संस्कृति, भौतिकी, रसायन, जीव व वनस्पति विज्ञान के बारे में भी पूरी जानकारी दी जा रही है। रीजिनिंग से संबंधित प्रश्नों को किस तरह से कम से कम समय में सही तरीके से हल किया जाए, इसके लिए जरूरी सुझाव दिए जा रहे हैं। छात्रों को पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा, एसडीएम सदर एआरअीओ पंकज श्रीवास्तव भी कोचिंग दे रहे हैं।
इस मामले में रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि ऐसे छात्र-छात्राएं जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तहत कोचिंग का खर्चा नहीं उठा पाते हैं। उनके लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जा रही है। एसपी, एसडीएम सदर, एआरअीओ भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। आगामी समय में अन्य अधिकारी भी इससे जुड़ेंगे, जिन्हें किसी विषय क्षेत्र में महारत हासिल हैं।