जब जंगलों में आग हुई बेकाबू तो बुझाने पहुंच गए DM और DFO, दो घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
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आसमान से बरसती आग के बीच जब आग बेकाबू हो गई तो मोर्चा डीएम और डीएफओ ने संभाला। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। ग्राम पंचायत बर्सू के अंतर्गत दो दिन पूर्व औंण, डांगसेरा और नगर पालिका के पुनाड़ गांव व गुलाबराय के जंगल जलकर राख हो गए थे।
वहीं, बृहस्पतिवार रात्रि को पोखरसारी में भीषण आग से चीड़ का पेड़ धू-धूकर जलता रहा। रेंजर आलोकी के नेतृत्व के वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तेज हवा और आग लपटों के बीच कर्मियों का आग पर काबू पाना मुश्किल रहा। इसके बाद फायर बिग्रेड के पहुंचने पर बस्ती क्षेत्र की तरफ बढ़ रही आग को दो घंटे की मशक्कत के बाद बुझाया जा सका।
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के जंगलों में पिछले एक सप्ताह से जंगलों की आग के मामले में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। जिले में अभी तक 50 से अधिक वनाग्नि की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें लगभग 110 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो चुके हैं।
बृहस्पतिवार रात्रि को पोखरसारी में भीषण आग लगने पर रेंजर आलोकी के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग बुझाने में कर्मियों को बेहद मुश्किल उठानी पड़ी। रात्रि करीब आठ बजे डीएम मंगेश घिल्डियाल और डीएफओ मयंक शेखर झा भी मौके पर पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने स्वयं भी आग बुझाने का प्रयास किया। इस बाद फायर बिग्रेड के पहुंचने पर दो घंटे बाद आग को बुझाया जा सका। दूसरी तरफ अगस्त्यमुनि ब्लाक के रानीगढ़ पट्टी के कोट, कोदिमा गांव के जंगल बीते दो दिन से धधक रहे हैं।
दूसरी तरफ जखोली के भरदार क्षेत्र सहित केदारघाटी के गई इलाकों में जंगलों में आग का प्रकोप बना है। डीएम व डीफओ ने बताया कि सतर्कता के साथ घटनाओं को कम से कम समय में नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।