बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जा रहे 17 वाहनाें को आरटीओ ने किया सीज, 45 का हुआ चालान
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स्कूली बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाने में स्कूली वाहन बाज नहीं आ रहे हैं। जब-जब भी परिवहन विभाग ने अभियान चलाया ऐसे कई वाहन पकड़े। बृहस्पतिवार को भी तीन टीमें गठित कर विभाग ने अभियान चलाया। इस दौरान भी कई स्कूली बसें, वैन और ऑटो बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाते मिले।
इस पर 17 वाहन सीज किए गए। जबकि 45 वाहनों का चालान किया गया। एआरटीओ अरविंद पांडेय के नेतृत्व में गठित टीमों ने डालनवाला, ईसी रोड, पटेल नगर, आईएसबीटी आदि क्षेत्रों में अभियान चलाया। 17 सीज वाहनों में बस, वैन और ऑटो शामिल हैं। इनमें क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए थे। कार्रवाई से चालकों में अफरातफरी की स्थिति रही।
पहले बच्चों को घर छोड़ा, फिर वाहन सीज
परिवहन विभाग की टीम को डालनवाला और ईसी रोड पर दो वैन और तीन ऑटो ऐसे मिले जो ओवरलोड थे। इसके अलावा इन वाहनों ने वर्षों से फिटनेस भी नहीं कराई थी। वैन में फर्स्ट एड बॉक्स तक भी नहीं था। इस पर टीम ने पहले बच्चों को उनके घर छुड़वाया फिर वैन सीज की।
स्कूली वाहनों के लिए यह मानक जरूरी
-स्कूल वाहन चलाने के लिए चालक के पास पांच साल का अनुभव जरूरी।
-वाहन की खिड़कियों के बाहर लोहे की जाली अनिवार्य।
-वाहन की सीट के नीचे बच्चों के बैग रखने का स्थान।
-फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था जरूरी है।
-छात्राओं की बस में महिला परिचालक की व्यवस्था।
-बस में दरवाजों के अलावा दो इमरजेंसी दरवाजे होने चाहिए।
-वाहन का रंग पीला और दोनों ओर नीली पट्टी होना अनिवार्य।
-अग्निशमन संयंत्र और स्पीड गवर्नर का होना जरूरी।
कोई स्कूली वाहन यदि दोबारा निर्धारित संख्या से अधिक बच्चें ले जाते मिलते हैं तो वाहन सीज कर दिया जाएगा। साथ ही स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
-अरविंद पांडेय, एआरटीओ