आखिर क्यों? RSS के भैया जी ने गुफा में की गुपचुप साधना
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आरएसएस के सर कार्यवाह सुरेश जोशी (भैया जी) ने अल्मोड़ा में कुकुछीना के निकट महाअवतार बाबा की गुफा में आधे घंटे तक मौन साधना की।
स्वयं सेवक उन्हें डेढ़ किलोमीटर डोली में बैठाकर ले गए। गुफा के दर्शन के बाद भैया जी ने कहा कि उन्हें अपार ऊर्जा और शांति की अनुभूति हुई है। उनके कार्यक्रम की जानकारी किसी को नहीं थी। भ्रमण के दौरान देश और प्रदेश के करीब तीन दर्जन स्वयं सेवक और पदाधिकारी मौजूद थे।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में नंबर दो का स्थान रखने वाले सर कार्यवाह सुरेश जोशी उर्फ भैया जी सोमवार को परमहंस योगानंद की पुस्तक योगी कथामृत पढ़ने के बाद कुकुछीना में योगानंद के गुरुके भी गुरुरहे महाअवतार बाबा की गुफा में पहुंचे।
जानकारी के अनुसार वह शनिवार को सुबह दस बजे द्वाराहाट पहुंचे और वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर कुकुछीना पहुंचे। कुकुछीना से डेढ़ किलोमीटर की पैदल यात्रा स्वयं सेवकों ने उन्हें डोली में बैठाकर कराई। गुफा में पहुंचने के बाद भैया जी ने वहां आधे घंटे तक मौन साधना की।
साधना के बाद वह काफी प्रसन्न नजर आए भैया जी
सूत्रों के अनुसार साधना के बाद वह काफी प्रसन्न नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्हें गुफा के दर्शन से अपार शांति मिली है और उनमें नई ऊर्जा का संचार हुआ।
इस दौरान सांसद अजय टम्टा, आरएसएस के प्रांत प्रचारक हरीश, विभाग प्रचारक भगवान, जिला संपर्क प्रमुख गणेश कांडपाल, दर्शन बिष्ट के अलावा संघ से जुड़े सरस्वती शिशु मंदिर और विद्या मंदिर के स्वयं सेवकों के अलावा विभिन्न प्रांतों के संघ प्रचारक आदि भी थे। लौटने के बाद उन्होंने द्वाराहाट में शैलू शाह के घर में भोजन किया और दिन में करीब तीन बजे लौट गए।
गुफा के दर्शन का था मुख्य प्रयोजन
स्वामी विवेकानंद के बाद परमहंस योगानंद एक ऐसे महान संत थे जिन्होंने देश-विदेश के अलावा अमेरिका में विशेष ख्याति अर्जित की थी।
जानकारी के अनुसार स्वामी योगानंद के गुरु युक्तेश्वर गिरि, उनके गुरु श्यामाचरण लहरी और उनके गुरु महा अवतार बाबा थे। भैया जी ने महान योगियों और उनकी साधना स्थली रही गुफा के बारे में अध्ययन किया और चुपचाप गुफा के दर्शन को चले आए।