Roorkee: पशु प्रेमी और चिकित्सक बनकर IIT में आया, फिर किया ऐसा काम कि प्रोफेसरों से की अवैध वसूली, गिरफ्तार
आईआईटी परिसर में कई सालों से पशु चिकित्सक बनकर सुमित शर्मा नाम का युवक जानवरों की सुरक्षा से संबंधित एक बहुत बड़ी संस्था से जुड़ा हुआ था। वह डॉक्टर की फर्जी आईडी नंबर और नाम के साथ लेटर हेड बनाकर कुत्तों का इलाज भी कर रहा था।
विस्तार
एक एनजीओ के नाम पर फर्जी पशु प्रेमी और चिकित्सक बनकर आईआईटी के प्रोफेसरों से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। यही नहीं, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर कई तरह से आईआईटी को बदनाम करने की भी कोशिश की है। पशु चिकित्सक बनकर वह कुत्तों का इलाज भी कर रहा था। इससे कई कुत्तों की मौत भी हो चुकी है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, आईआईटी परिसर में कई सालों से पशु चिकित्सक बनकर सुमित शर्मा नाम का युवक जानवरों की सुरक्षा से संबंधित एक बहुत बड़ी संस्था से जुड़ा हुआ था। वह डॉक्टर की फर्जी आईडी नंबर और नाम के साथ लेटर हेड बनाकर कुत्तों का इलाज भी कर रहा था। लोगों में उसकी एक अच्छी छवि बन गई क्योंकि वह शहर में घायल कुत्तों का मुफ्त में इलाज कर रहा था।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व आईआईटी परिसर में कुत्ते के बच्चों ने जन्म लिया। इनकी देखभाल सुमित करने लगा। उसने परिसर के एक बॉयज हॉस्टल के एक कमरे में उसे रख दिया। बच्चों की सुरक्षा के लिए इनकी मां परिसर में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को काटने लगी। उसने करीब 35 से 40 बच्चों को काट लिया। इससे परेशान होकर आईआईटी के कर्मचारियों ने रात को एक वाहन से उसे और उसके बच्चों को परिसर के एक बड़े मैदान में रखवा दिया। इसका वीडियो सुमित कुमार ने बना लिया।
अब वह कॉलेज के प्रोफेसरों को नियमों का हवाला देकर धमकाने लगा कि वह ऐसा नहीं कर सकते हैं। सुमित ने देशभर में फैली अपनी संस्था के ग्रुप पर कॉलेज का प्रोफेसरों का नंबर डाल दिया। ऐसे में प्रोफेसरों को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, कर्नाटक समेत देश के कई हिस्सों से फोन आने लगे और उन्हें धमकाने लगे। ऐसे में आईआईटी ने भी अपने स्तर से जांच शुरू कर दी।
Cyber Crime: कैबिनेट मंत्री के प्रेमनगर आश्रम की बनाई फर्जी वेबसाइट, कमरे बुकिंग करने के नाम पर की ठगी
पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि आईआईटी की प्रो. गार्गी ने जब देखा कि सुमित के इलाज किए हुए कुत्ते मर रहे हैं और वह गलत जगह पर इंजेक्शन लगा रहा है तो उसके लेटर हेड के आधार पर आईडी संख्या की जांच की गई। जांच में पता चला कि वह जो आईडी से डॉक्टर बना था वह डॉ. सुमित कोहली की है जो गुप्तकाशी में तैनात है। प्रो. गार्गी ने 13 दिसंबर 2022 को गुप्तकाशी में तैनात डॉ. सुमित कोहली को मेल के जरिए इसकी शिकायत की।
ऐसे में फिर जांच कमेटी बैठी और पुलिस भी इसमें शामिल रही। आरोपी सुमित को जब इसकी भनक लगी तो उसने डॉक्टर से जुड़े सभी दस्तावेज हटा दिए। प्रो. गार्गी भी एनिमल वेलफेयर से जुड़ी हुई हैं। ऐसे जब आरोपी की पोल खुलने लगी तो कुत्तों को हो रही परेशानी का फर्जी वीडियो और फोटो बनाकर इंस्टाग्राम में डालकर आईआईटी के खिलाफ वह लिखने लगा। साथ ही प्रोफेसरों से ऐसा न करने के पैसे मांगने लगा।
इसकी शिकायत आईआईटी के सुरक्षा इंचार्ज एएस मौर्य ने पुलिस से की। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि आरोपी फर्जी आईडी बनाकर डॉक्टर बना हुआ था। जांच में बात सामने आई है कि वह आईआईटी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा था, साथ ही पैसे वसूली कर रहा था। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
प्रोफेसर से मांगे पांच हजार, तब पकड़ा गया रंगेहाथ
आरोपी ने आईआईटी परिसर में जाली में बंद एक कुत्ते का वीडियो बना लिया था। इसे वायरल कर वह कह रहा था कि कुत्ते को बेहद परेशानी हो रही है। इससे देशभर के पशु प्रेमी बौखला गए और आईआईटी के प्रोफेसरों को फोन कर परेशान करने लगे। ऐसे में आरोपी ने प्रोफेसर गार्गी से पांच हजार रुपये मांगे और मामला शांत कराने का आश्वासन दिया।
कोतवाल आरके सकलानी ने बताया कि प्रोफेसरों ने जब उसे पैसे दिए और पुलिस को जानकारी दी कि वह पैसे लेकर निकल चुका है। ऐसे में पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे रंगेहाथों दबोच लिया। जब उसकी जांच की गई तो प्रोफेसरों की ओर से बताई गई राशि के अनुसार ही उसकी जेब से पैसे भी निकले। वहां सीसीटीवी कैमरे भी उपलब्ध थे। पूरी घटना रिकॉर्ड हो चुकी है।