रुड़की ब्लास्ट: ISI से जुड़े संदिग्ध की सरगर्मी से तलाश
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रुड़की धमाके में पुलिस को चार साल पहले पाक खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करते पकड़े शख्स की सरगर्मी से तलाश है। धमाके के बाद से ही यह व्यक्ति गायब है।
पहले इनकार कर रही पुलिस अब इसे आतंकी वारदात से भी जोड़कर देख रही है। पहले तो पिछले दिनों बिजनौर में हुए बम धमाके के फरार आरोपियों से भी पुलिस इसे जोड़कर देख रही थी।
मामले में जिस शख्स की पुलिस को तलाश है वह रुड़की में ही रह रहा था। उसे 2010 में आईएसआई एजेंट होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित नक्शे और आतंकवाद से जुड़ी कई सामग्री मिलने का दावा किया गया था। हालांकि इनमें से कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हो पाया था।
डीआईजी संजय गुंज्याल ने भी तस्दीक की कि यह व्यक्ति शक के दायरे में है। उसकी तलाश की जा रही है।
गर्दन पार कर सिर से निकला धातु का टुकड़ा
धमाके में मारे गए छात्र तुषार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने विस्फोटक का राज खोला है। विस्फोटक मामूली नहीं था, बेहद घातक था। विस्फोटक से निकला धातु का टुकड़ा मासूम की गर्दन में घुसा और सिर की हड्डी तोड़ता हुआ निकल गया।
तुषार के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के दो सदस्यीय पैनल ने किया था। चिकित्सकों की मानें तो तुषार की गर्दन पर एक बड़ा घाव था जो सिर से पार निकल रहा था। घाव के आसपास की स्किन काली पड़ गई है।
घातक था विस्फोट
गर्दन से जिस तरह का घाव सिर तक बना है। उससे स्पष्ट है कि कोई घातु की नुकीली वस्तु तेज दबाव के साथ गर्दन में घुसते हुए सिर से निकली है।
स्पष्ट है विस्फोटक मामूली नहीं था। रिपोर्ट से पुलिस की उन बातों पर भी विराम लग गया है जिसमें विस्फोटक को मामूली माना जा रहा था।