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फिल्म की तरह मार्मिक रहा रोहित का जीवन, 15 वर्ष की आयु में मां के सम्मान के लिए शुरू किया संघर्ष

Wed, 17 Apr 2019 04:08 AM IST
राजेश सैनी गिरीश रंजन तिवारी, नैनीताल
गिरीश रंजन तिवारी, नैनीताल Published by: राजेश सैनी Updated Wed, 17 Apr 2019 04:08 AM IST
सार

- 15 वर्ष की आयु में मां के सम्मान के लिए शुरू किया संघर्ष
- पिता का प्यार पाने को बेहद जज्बाती थे रोहित

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Rohit Shekhar Tiwari life remained like a movie struggling for honor and justice for his mother
रोहित शेखर तिवारी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिग्गज कांग्रेसी नेता रहे एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर का जीवन पहचान पाने, लावारिस कहे जाने के दंश और पिता के जीवित होने के बावजूद अनाथ महसूस किए जाने की पीड़ा के बीच न्याय पाने के संघर्ष को समर्पित रहा। वे स्वयं अपने हालात को त्रिशूल और लावारिस फिल्मों की कहानी जैसा बताया भी करते थे। 
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राजनीति में कॅरिअर बनाने की इच्छा कभी बीजेपी, कभी सपा और कभी कांग्रेस से जुड़ने के असमंजस के बीच परवान नहीं चढ़ पाई। अभी छह दिन पहले उन्होंने अंतत: कांग्रेस से जुड़ने की सार्वजनिक घोषणा की तो अचानक काल ने उन्हें आ घेरा। कैसा विचित्र संयोग है कि जिस पिता ने छह दशक शिखर की राजनीति की उनके पुत्र का राजनीतिक सफर कुछ  दिन का रहा। अपने विवाह की सालगिरह से लगभग एक माह पहले ही उनका निधन हो गया। 
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रोहित ने जीवन के 19 बेहतरीन वर्ष केवल मां को उनका सम्मान और खुद को पिता के प्यार का अधिकार दिलाने के संघर्ष में बिताए। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2014 में उन्हें यह अधिकार मिला तो पिता का प्यार पाने से ज्यादा उनकी देखरेख और सेवा में बिता दिया।
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1979 में जन्मे रोहित 1990 तक एनडी तिवारी को परिवार के परिचित के रूप में ही जानते थे। तब तिवारी उन्हें नूरी रफ़ल्म के गाने गाकर सुनाते थे। जब 11 वर्ष की आयु में पहली बार उन्हें पता चला कि वे ही उनके पिता हैं तो वे असहज हो गए। इसके बाद से तिवारी ने उनसे दूरी बना ली। 

24 अप्रैल 2014 को कोर्ट ने तिवारी को रोहित का जैविक पिता घोषित किया, इसके बाद तिवारी ने रोहित को पुत्र के रूप में स्वीकार किया। रोहित के समर्पण प्यार और सम्मान से प्रभावित तिवारी ने उनके कहने पर 14 मई 2014 को उज्ज्वला शर्मा से बाकायदा विवाह भी किया।


इसके कुछ वर्ष बाद धीरे-धीरे तिवारी का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा और 20 सितंबर 2017 को ब्रेन हैमरेज के बाद उन्हें साकेत मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। रोहित और उज्ज्वला ने रात दिन उनकी सेवा की। इसी बीच 18 मई 2018 को रोहित ने अपनी साथी वकील अपूर्व शुक्ला से विवाह किया। पिता के देहांत के बाद भी रोहित ने पुत्र के सभी दायित्व निभाए। लंबे समय तक सदमे में रहने के बाद 6 दिन पूर्व ही अमर उजाला के माध्यम से कांग्रेस से अपनी राजनीतिक शुरुआत करने की घोषणा की थी।
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