ड्राइवर की झपकी से पलटी बस, 4 की मौत, 42 घायल
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दिल्ली से रानीखेत आ रही रोडवेज की बस सुबह साढ़े छह बजे बजीना के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में महिला और उसके तीन माह के बेटे सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 लोग घायल हो गए।
इनमें गंभीर रूप से घायल आठ लोगों को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। जबकि चार बच्चों सहित 34 यात्रियों का यहां राजकीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। बस में 51 लोग सवार थे जिसमें से पांच लोग सकुशल बच गए।
बताया जा रहा है कि हादसा ड्राइवर को झपकी आने की वजह से हुआ। मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रतिनिधि के तौर पर यहां पहुंचे खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने अस्पताल में घायलों का हाल जाना और मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार और मामूली घायलों को 25-25 हजार रुपए देने की घोषणा की। रोडवेज ने भी घायलों को त्वरित सहायता के रूप में पांच-पांच हजार रुपए दिए हैं।
दो मिनट हवा में घूमते रहे बस के पहिए
रानीखेत डिपो की बस (यूए 07 पीए 1985 ) दिल्ली से लौट रही थी। रविवार सुबह पातली में चालक ने चाय पीने के लिए बस रोकी। यहां से चलने के बाद बस समान रफ्तार से नहीं चल रही थी। बताया जाता है कि झपकी आने से बजीना के पास चालक का बस से नियंत्रण खो गया और बस बाईं ओर कच्ची मिट्टी में धंस गई।
इस दौरान दो मिनट तक बस के पिछले टायर हवा में झूलते रहे। यात्रियों में भगदड़ और चीखपुकार मच गई और चालक कूदकर भाग गया। इसके बाद बस लगभग 16 मीटर नीचे खेतों में जा लुढ़की।
दुर्घटना में जैनोली निवासी जगदीश सिंह के तीन माह के बच्चे बंटी की मौके पर ही मौत हो गई। बजीना निवासी पूर्व प्रधान गोपाल देव, नंदन सिंह माहरा सहित स्थानीय लोगों ने घायलों को बस से बाहर निकाला।
108 एंबुलेंस और प्राइवेट वाहनों से 16 किमी दूर रानीखेत राजकीय अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही बंटी की मां गरिमा (23), छानागोलू भेट निवासी शेखर भट्ट (52) पुत्र परमानंद भट्ट, खौड़ी द्वारसों निवासी आनंद राम (35) पुत्र हीरा राम ने भी दम तोड़ दिया। अधिकांश यात्री दिल्ली से आ रहे थे।
सांसद अजय टम्टा, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, पूर्व विधायक करन माहरा, डीएम विनोद कुमार सुमन, पुलिस कप्तान केएस नगन्याल आदि ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
परिजनों और पुलिस में तकरार, SSI लाइन हाजिर
शव का पंचनामा भरने को लेकर मृतक के परिजनों की पुलिस के साथ हाथापाई तक की नौबत पहुंच गई। मृतक के परिजनों की शिकायत पर एसएसपी ने एसएसआई वीसी पांडे को लाइन हाजिर कर दिया।
बस दुर्घटना में मारे गए शेखर भट्ट का पुत्र दयाल भट्ट पुलिस कांस्टेबल है। वह ऊधमसिंह नगर में तैनात है। हादसे की सूचना पर वह मौके पर पहुंच गया। पंचनामा भरने को लेकर उसकी एसएसआई से भिड़ंत हो गई।
एसएसआई वीसी पांडे का कहना था कि मृतक के परिजनों ने पुलिस से अभद्रता की, जबकि दयाल का कहना था कि लाख मिन्नतों के बावजूद पंचनामा भरने में हीलाहवाली की गई।
मृतक के पुत्र और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रतिनिधि खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल से शिकायत की। कहा कि दुख की इस घड़ी में एसएसआई हमदर्दी पूर्वक कार्य नहीं कर रहे हैं। खेल मंत्री के निर्देश पर एसएसपी केएस नगन्याल ने एसएसआई को लाइन हाजिर कर दिया।
पाइए, सभी 42 घायलों की जानकारी
बस हादसे में मां-बेटे समेत चार यात्रियों की मौत हो गई जबकि 42 यात्री घायल हो गए। वहीं पांच यात्री सकुशल सुरक्षित बच गए।
घायलों की सूची-
1-उर्मिला (35) पत्नी राकेश, कुंपुर लालकुर्ती रानीखेत
2-पूजा (14) पुत्री राकेश, कुंपुर लालकुर्ती रानीखेत
3-मनीषा (18) पुत्री राकेश, कुंपुर लालकुर्ती रानीखेत
4-हीरा देवी (60) पत्नी कुबेर सिंह, जैनोली रानीखेत
5-प्रियंका (17) पुत्री खीम सिंह, मटेला गगास द्वाराहाट
6-हीरा देवी (65) पत्नी जसोद सिंह, मटेला गगास द्वाराहाट
7-मीना तिवारी (55) पत्नी पीडी तिवारी, शीतलाखेत अल्मोड़ा
8-गीता देवी (32) पत्नी धाम सिंह, बड़ेत द्वाराहाट
9- प्रकाश चंद्र (35) पुत्र हरिदत्त, भेट छानागोलू द्वाराहाट
10-कमला रावत (22) पत्नी दीवान सिंह, कालिका रानीखेत
11-वीरबल (33) पुत्र ठाकुर सिंह, मटेला गगास द्वाराहाट
12-पीडी तिवारी (63) पुत्र टीकाराम, शीतलाखेत
13-दीपिका शाह (25) पत्नी दीप शाह, तहसील परिसर रानीखेत
14-नंदी देवी (50) पत्नी मोहन सिंह, तैल मैनारी विंता
15-भावेश (5) पुत्र ललित सिंह, तैल मैनारी विंता
16-अनिल कुमार (25) पुत्र भोला राम, भैंसोली रानीखेत
17-विनोद कुमार (23) पुत्र बचीराम, रवाड़ी बगवालीपोखर
18-गीता (22) पत्नी सुंदर सिंह, भिटारकोट रानीखेत
19-हर्षित (3) पुत्र सुंदर सिंह, भिटारकोट
20-वीरेंद्र सिंह बोरा (38) पुत्र नारायण सिंह, ऐना रानीखेत
21-जगत सिंह (32) पुत्र कुबेर सिंह, जैनोली
22-रवींद्र सिंह माहरा (45) पुत्र प्रताप सिंह, पीपलखंड उपराड़ी रानीखेत
23- महिमा (9) पुत्री सुंदर सिंह, सूरजपुर ग्रेटर नोएडा नई दिल्ली
24-मधु (40) पत्नी सुंदर सिंह, सूरजपुर ग्रेटर नोएडा नई दिल्ली
25-गंगा देवी (65) पत्नी किशनराम, तस्वाड़ रानीखेत
26-मदन राम (34) पुत्र किशन राम, तस्वाड़ रानीखेत
27-गणेश नाथ (50) पुत्र लछी नाथ, नौलाकोट बगवालीपोखर अल्मोड़ा
28-भगवती देवी (49) पत्नी जगनाथ, बाड़ी नौलाकोट बगवालीपोखर अल्मोड़ा
29- सुंदर सिंह (45) पुत्र शंकर लाल, ग्रेटर नोएडा नई दिल्ली
30- शंकर सिंह कठायत (33) पुत्र दयाल सिंह, नौसार बगवाली पोखर
31-जगदीश चंद्र (32) पुत्र जसराम, वाटिका स्टेट चिलियानौला रानीखेत
32-जितेंद्र सिंह बोरा (26) पुत्र गोपाल सिंह, बिंता अल्मोड़ा
33-लाल सिंह (47) पुत्र स्व. प्रेम सिंह, पिलखोली रानीखेत परिचालक
34-नैन सिंह माहरा (66) पुत्र स्व. खड़क सिंह माहरा, जैनोली रानीखेत
गंभीर घायल रेफर किए हल्द्वानी
1-चंदन सिंह रावत (50) पुत्र मोहन सिंह रावत, सुभाष चौक रानीखेत
2-प्रेमा रावत (40) पत्नी चंदन सिंह रावत, सुभाष चौक रानीखेत
3-दीपिका शाह (25) पत्नी दीप शाह, तहसील परिसर रानीखेत
4-राजेंद्र (32) पुत्र हरीश चंद्र, पापड़ा तिपौला रानीखेत
5-चंदन कुवार्बी (30) पुत्र जसवंत कुवार्बी, बधाण चिलियानौला
6-लाल सिंह (38) पुत्र पान सिंह, नौसार बगवालीपोखर अल्मोड़ा
7-चंदन कुवार्बी (30) पुत्र जसवंत कुवार्बी, बधाण चिलियानौला
8-राजेंद्र सिंह मेहरा (45) पुत्र प्रताप मेहरा, उपराड़ी, रानीखेत
सांसद टम्टा ने डॉक्टरों की कमी पर जताई नाराजगी
सांसद अजय टम्टा ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा शुरू कई मोबाइल चिकित्सा सेवा और 15 हजार रुपए में डॉक्टर बनाने की नीतियों को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया है। सड़कों की हालत खराब है, जिस कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। डॉक्टरों की कमी पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते राजकीय अस्पताल का ब्लड बैंक बंद हो गया। यहां से 55 यूनिट खून हल्द्वानी बेस अस्पताल भेजा गया है, जबकि दुर्घटनाओं में यहां खून की सख्त जरूरत होती है। ट्रामा सेंटर नहीं होने के कारण रोगियों को रिफर करना पड़ रहा है।