2020 तक भारत से चीन सीमा तक तैयार हो जाएगी सड़क, कैलाश मानसरोवर यात्रा होगी सुगम
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चीन सीमा लिपूपास तक सड़क संपर्क होने में अब थोड़ा ही काम बाकी है। 77 किलोमीटर लंबी सड़क में से 69 किलोमीटर तक रोड तैयार हो गई है। नजंग से बूंदी तक आठ किलोमीटर हिस्से में सड़क का निर्माण होना है।
बूंदी से चीन सीमा लिपूपास से करीब एक किमी पहले तक 29 किलोमीटर हिस्से में सड़क बनकर तैयार हो गई है। इस हिस्से में बीआरओ के वाहन चलते हैं। पूरी उम्मीद है कि 2020 अंत तक सड़क निर्माण पूरा हो जाएगा।
चीन सीमा लिपूपास के लिए 1999 से सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 के बाद सड़क निर्माण में काफी तेजी आई है। धारचूला से चीन सीमा लिपूपास तक सड़क निर्माण की प्रगति पर नजर डालें तो धारचूला से 40 किलोमीटर दूर नजंग तक वाहनों की आवाजाही हो रही है।
29 किमी हिस्से में सड़क कटिंग का काम पूरा
नजंग से बूंदी तक आठ किलोमीटर हिस्से में सड़क कटिंग का कार्य चल रहा है। इस हिस्से में भी अधिकांश स्थानों में सड़क कटिंग हो चुकी है। बूंदी से लिपूपास तक एक किलोमीटर पहले तक करीब 29 किमी के हिस्से में सड़क का कटिंग का काम पूरा हो गया है।
जुलाई में डीएम डॉ. वीके जोगदंडे, एसपी आरसी राजगुरु ने सीमा सड़क संगठन के कमांडिंग ऑफीसर कर्नल सोमेंद्र बनर्जी के साथ बूंदी से चीन सीमा लिपुपास तक वाहन से सड़क की प्रगति का जायजा लिया था। जुलाई में ही उच्च हिमालयी क्षेत्र के प्रवास पर रहे मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने भी 2020 तक सड़क का निर्माण पूरा होने की बात कही थी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा हो जाएगी सुगम
सड़क का काम पूरा होने के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा जहां सुगम हो जाएगी वहीं भारतीय क्षेत्र में स्थित पौराणिक धार्मिक स्थल छोटा कैलाश (आदि कैलाश) और ओम पर्वत तक लोगों की पहुंच आसान हो जाएगी। वर्तमान में कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए नजंग से लिपूपास तक करीब 45 किमी पैदल चलना पड़ता है।
चीन सीमा के लिए बन रही सड़क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मैंने तवाघाट से चीन सीमा लिपूपास के निकट तक बनी सड़क का जायजा लिया है। 2020 तक बीआरओ ने चीन सीमा तक सड़क पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
-डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, डीएम, पिथौरागढ़