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देहरादून में बदहाल सड़क, लोग रहे तड़प
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 19 Oct 2015 12:21 PM IST
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देहरादून में बनी बनाई सड़क सीवर या पेयजल लाइन के लिए खोद दी जाती है। इसके बाद उस टूटी सड़क की सुध लेने कोई नहीं आता है।
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पीड़ित लोगों की आवाज को कोई विभाग तवज्जो नहीं देता है। इस सारी अव्यवस्था के लिए महकमों के बीच समन्वय नहीं होना सबसे बड़ी वजह है। जीएमएस रोड-सीमाद्वार रोड, ब्राह्मणवाला, चमनपुरी-ब्रह्मपुरी की हालत इतनी खराब है कि लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। क्षेत्रीय विधायक भी सड़कों का निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं।
सीमाद्वार रोड को जीएमएस रोड से जोड़ने वाला मार्ग खस्ताहाल है। गढ़वाली कॉलोनी की सड़के वर्षों से खराब है। सड़क में करीब एक-एक फुट गहरे गड्ढे हैं। इसमें गिरकर कई लोग हाथ पैर तक तुड़वा चुके हैं। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस में सहायक कमांडेंट पीएस बिष्ट बताते हैं कि हम लोग संबंधित विभागों से शिकायत करके तंग आ चुके हैं।
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किसी स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। रात में सड़कों पर चलना मौत को दावत देने के समान है। इसी कालोनी के निवासी सुनील मनचंदा और अनीश भटनागर का कहना है कि पार्षद ओमेंद्र भाटी से लेकर नगर निगम, एमडीडीए, लोक निर्माण विभाग और पेयजल निगम को शिकायती पत्र दिए हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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कॉलोनी की सड़क खराब होने के साथ ही आईटीबीपी-जीएमएस रोड भी खतरनाक है। संजय कुमार, अंजू ठाकुर, कैप्टन आरएस सिंह, मोहिनी सिंह का कहना है कि कोई भी काम व्यवस्थित ढंग से नहीं हुआ है।
ब्राह्मणवाला-इंदिरापुरम में खुदी है हर गली
हरिद्वार बाईपास का एक हिस्सा ब्राह्मणवाला इलाके से जुड़ता है। मुख्य मार्ग को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग एक से डेढ़ किलोमीटर लंबा है। यहां सीवर डालने का काम महीनों पहले हुआ था, लेकिन सड़क आज तक नहीं बनी। इससे ही लगता इलाका है इंदिरापुरम।
पारितोष कोठारी, प्रमोद कोठारी, आर उनियाल, राजेश शर्मा और गोपाल दत्त का कहना है कि दिन भर धूल का गुबार उठता रहता है। आवागमन मुश्किल है। कहते हैं कि जब सड़क तोड़ी गई है तो उसका निर्माण भी तय समय में होना चाहिए था।
घर या दुकान में बैठना तक मुश्किल हो गया है। इंदिरापुरम निवासी तस्लीम अहमद, शियाजुद्दीन, रोहतास खान, शब्बीर अली का कहना है कि सड़क को टूटे छह माह से ज्यादा वक्त बीत चुका है।
बनी बनाई सड़कों पर रंग-रोगन
एक तरफ खुदी सड़कों को बनाया नहीं जा रहा है, वहीं शहर में कई इलाकों में बनी बनाई सड़कों को फिर से बनाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि चकराता रोड, राजपुर रोड, पथरीबाग, गोविंदगढ़, कारगी रोड अच्छी स्थिति में हैं। लेकिन, इन पर डामर की परतें बिछाई जा रही हैं।
बंजारावाला, सेवला खुर्द, डालनवाला समेत दूसरे क्षेत्रों की सड़कें खराब पड़ी हैं। उन पर मरम्मत कार्य नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को भी शिकायती पत्र दिए जा चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता देवेंद्र शाह का कहना है कि डामरीकरण उन्हीं सड़कों का किया जा रहा है जहां पैच वर्क था।
निश्चित समय के बाद सड़कों की मरम्मत होती है। यह पहला चरण है, दूसरे चरण में दूसरी खराब सड़कों को ठीक किया जाएगा।