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उत्तराखंड: 12 दिनों से सड़कें बंद, रोजमर्रा की जरूरत के सामान की किल्लत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर/पिथौरागढ़/चंपावत
Updated Tue, 31 Jul 2018 08:24 PM IST
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- फोटो : file photo
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पिथौरागढ़ जिले में बलुवाकोट-पैय्यापौड़ी सड़क पिछले 12 दिन से बंद है। इससे क्षेत्र में रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की किल्लत हो गई है। 20 जुलाई को जौलाड़ में भूस्खलन से करीब 40 मीटर सड़क बह गई थी। सड़क क्षतिग्रस्त होने से करीब 15 टैक्सियां गुईयां और पैय्या में फंसी हैं। आसपास के गांवों के करीब 150 विद्यार्थियों को स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है। लोग खतरा उठाकर आवागमन कर रहे हैं।
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चीनपुर नाले में सोमवार को बहे चंद्र फार्म निवासी मासूम कार्तिक का शव मंगलवार को कठघरिया राजकीय इंटर कॉलेज के पीछे नाले में झाड़ियों के बीच फंसा मिला। तेज बहाव में टकराने से सिर में चोट और हाथ में खरोंच आई थी। इस घटना से गांव में कोहराम मचा हुआ है। तहसीलदार ने परिजनों को चार लाख का मुआवजा दिया। नेपाल सीमा से लगे कायल गांव में लोहावती नदी पार करते वक्त 25 जुलाई को बहे नाथ राम (62) का शव छह दिन बाद मिल गया है। शव घटना स्थल से करीब आठ किलोमीटर दूर से बरामद हुआ।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर मंगलवार को भी आवाजाही कई बार बाधित हुई। तीन घंटे से अधिक समय तक मार्ग बंद रहने से लोगों को भारी दुश्वारी झेलनी पड़ी। अलबत्ता बाद में पुलिस, एनएच खंड और आपदा राहत की टीम की मदद से रोड को खोला जा सका। एनएच स्वांला के पास सुबह से कई बार पत्थर लुड़कते रहे। इसके चलते यह मार्ग दो बार बंद रहा। चंपावत जिले में एक ग्रामीण मार्ग सूखीढांग-डांडा-मीनार अब भी बंद है।
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बारिश से बागेश्वर जिले में मंगलवार को कलांग गांव और आरे में दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। खतरे को देखते हुए प्रभावितों ने अन्यत्र शरण ली है। वहीं, मलबे से कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। बालीघाट-दोफाड़-धरमघर सड़क के बंद होने से भी आवाजाही ठप रही। इसके अलावा, कपकोट ब्लॉक में बिजौरीझाल-औखलसों और दोफाड़-पपोन-रताई सड़क मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गए जिन्हें काफी मशक्कत के बाद सुचारु किया गया।
बेड़ीनाग में लगातार बारिश से दोलावलदिया में सोमवार रात एक मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई। नायकगोठ प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी का एक हिस्सा बारिश से ढह गया। घटना के वक्त स्कूल में कोई नहीं था। बेड़ीनाग में ही भट्टीगांव-त्रिपुरादेवी मार्ग पर क्वैराली के पास दो स्थानों पर चीड़ के पेड़ और बोल्डर गिर गए। इधर, हल्द्वानी में सोमवार को मूसलाधार बारिश हुई। मंगलवार सुबह आठ बजे तक 75 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। गौला का जलस्तर सोमवार को 4596 क्यूसेक था जो आज घटकर 1039 क्यूसेक रह गया। उफनाए रकसिया ने तेजपुर लोशज्ञानी क्षेत्र में धान की फसल को बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र में धान के खेत मलबे से पट गए है।
ट्रेनें भी हुईं प्रभावित
उप्र और दिल्ली में हो रही भारी बारिश से इन राज्यों से आने वाली ट्रेनें देरी से पहुंच रही है। जैसलमेर (राजस्थान) से आने वाली रानीखेत एक्सप्रेस निर्धारित समय सुबह 5.05 से तीन घंटे की देरी से 8.05 पर पहुंची। इसी तरह हावड़ा से आने वाली बाघ एक्सप्रेस भी निर्धारित समय सुबह 9.25 से करीब एक घंटे की देरी से 10.20 पर पहुंची है। कानपुर से आने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस 2.40 से पांच घंटे की देरी से 7.40 पर पहुंचने की संभावना है, वहीं संपर्क क्रांति भी कई घंटे की देरी से चल रही है।