खतरे के निशान को छूने वाली है गंगा
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उत्तराखंड में पहाडों पर लगातार बारिश के चलते तीर्थनगरी में गंगा का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। हरिद्वार में शनिवार को सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुका है।
शनिवार की सुबह गंगा का जलस्तर हरिद्वार में 293.35 था। जबकि हरिद्वार में गंगा के खतरे का निशान 294 मीटर पर है। अगर इसी तरह बारिश होती रही तो जल्द ही गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएगी।
इससे पहले शुक्रवार को गंगा का जलस्तर सामान्य से लगभग एक मीटर ऊपर और चेतावनी रेखा से एक मीटर नीचे रहा। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक जलस्तर में लगातार गिरावट आंकी गई।
ऋषिकेश में शुक्रवार को जलस्तर कम था
शुक्रवार को ऋषिकेश में सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 338.55मी. आंका गया, जबकि दोपहर 12 बजे 338.43 और शाम छह बजे 338.41 मीटर रहा।
आयोग के अनुसार बीते बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को जलस्तर कम रहा। बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 338.55 मी., दस बजे 338.48, दोपहर दो बजे 338.50 मी., शाम छह बजे 338.63 और रात 10 बजे 338.60 मीटर आंका गया था।
चीला में 96 मेगावाट विद्युत उत्पादन
पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा में सिल्ट की मात्रा बढ़ गई है, जिसका असर विद्युत उत्पादन पर पड़ रहा है। चीला पावर हाउस में शुक्रवार को तीन मशीनें संचालित की गईं, जिनसे 96 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया।
जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता इंद्रमोहन करासी ने बताया कि बारिश के कारण नहर में गाद आ रही है।
जिस कारण बिजली का उत्पादन कम हो गया है। बताया कि सिल्ट जमा होने से नहर का मुहाना बंद हो रहा है। जिसके कारण पानी की मात्रा कम होने से उत्पादन में बाधा उत्पन्न हो रही है।