ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का भू-अधिग्रहण पूरा, चारधाम प्रोजेक्ट का सर्वे जनवरी तक होगा फाइनल
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ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे होने के बाद भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो गया है। साथ ही प्रोजेक्ट के लिए रेलवे को आवश्यक फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल चुकी है।
परियोजना के तहत रेलवे ने 70 प्रतिशत भू-अधिग्रहण के तहत मुआवजा वितरित कर दिया है। मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार को रेल लाइन की प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी पौड़ी, चमोली, टिहरी व रुद्रप्रयाग को निर्देश दिए हैं कि रेलवे के साथ समन्वय बनाकर हर प्रकार की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुआवजा वितरण से संबंधित प्रत्येक जिले में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम स्थापित किया जाए।
उन्होंने मलबा निस्तारण के लिए चिन्हित डंपिंग जोन आदि से संबंधित स्वीकृतियां शीघ्र जारी करने को कहा। रेलवे की भारी मशीनरी को पहाड़ तक जल्द पहुंचाने के लिए लोनिवि को ब्यासी-नरकोटा रोड पुल निर्माण कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे को सभी स्टेशनों को पर्वतीय शैली की स्थापत्यकला से निर्मित को कहा।
चारधाम प्रोजेक्ट का सर्वे जनवरी 2020 तक होगा पूरा
उत्तराखंड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बदरीनाथ को रेलवे सेवा से जोड़ने के लिए लगभग 327 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जाएगी। अलाइनमेंट-1 में उत्तरकाशी- बड़कोट, अलाइनमेंट-2 में डोईवाला-मनेरी, अलाइनमेंट-3 में कर्णप्रयाग-सोनप्रयाग व अलाइनमेंट-4 में साईकोट-जोशीमठ रेलवे लाइन का निर्माण प्रस्तावित है।
प्रोजेक्ट में कुल 21 रेलवे स्टेशन व 61 टनल बनाई जाएंगी। प्रोजेक्ट की जियो मैपिंग, हाईड्रोलॉजिकल स्टडी, ड्रोन सर्वे व एनवायरमेंटल डेस्क टॉप स्टडी की जा चुकी है। फाइनल लोकेशन सर्वे जनवरी 2020 तक पूरा हो जाएगा।
यह है निर्माण लक्ष्य
-वीरभद्र-न्यू ऋषिकेश ब्लॉक सेक्शन का काम फरवरी 2020 तक पूर्ण
- न्यू ऋषिकेश-देवप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2023-24 तक पूर्ण
- देवप्रयाग-कर्णप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2024 -25 तक पूरा होगा