{"_id":"65ef2492fab81613a20b9796","slug":"rishikesh-karnaprayag-rail-line-tunnel-crossed-from-itbp-to-bhatnagar-karnaprayag-2024-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh-Karnaprayag Rail Line: टीम को मिली सफलता, आईटीबीपी से भट्टनगर तक आर-पार हुई सुरंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh-Karnaprayag Rail Line: टीम को मिली सफलता, आईटीबीपी से भट्टनगर तक आर-पार हुई सुरंग
Mon, 11 Mar 2024 09:08 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, गौचर (कर्णप्रयाग)
संवाद न्यूज एजेंसी, गौचर (कर्णप्रयाग)
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 11 Mar 2024 09:08 PM IST
सार
मेघा इंजीनियरिंग कंपनी नरकोटा से गौचर तक लगभग 27 किमी. सुरंग का निर्माण कर रही है। अब पहले चरण के तहत गौचर के नजदीक आईटीबीपी से भट्टनगर तक लगभग 2.7 किमी. सुरंग का निर्माण कर इसे आरपार कर दिया गया है।
विज्ञापन
आईटीबीपी से भट्टनगर तक आर-पार हुई सुरंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन की एक और टनल आरपार हो गई है। मेघा इंजीनियरिंग कंपनी ने गौचर में आईटीबीपी से भट्टनगर तक की सुरंग को आरपार (ब्रेकथ्रू) कर दिया है जबकि मुख्य सुरंग भट्टनगर से घोलतीर तक को भी जल्द आरपार कर दी जाएगी।
विज्ञापन
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग की 125 किमी. लंबी रेलवे लाइन पर मेघा इंजीनियरिंग कंपनी नरकोटा से गौचर तक लगभग 27 किमी. सुरंग का निर्माण कर रही है। अब पहले चरण के तहत गौचर के नजदीक आईटीबीपी से भट्टनगर तक लगभग 2.7 किमी. सुरंग का निर्माण कर इसे आरपार कर दिया गया है। जबकि इसकी मुख्य सुरंग भट्टनगर से घोलतीर तक को भी जल्द आरपार कर दिया जाएगा। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर एचएम सिंह के अनुसार इसी स्थान पर बनाई जा रही मुख्य टनल का निर्माण कार्य दो माह में पूरा होने की संभावना है। इस सुरंग के निर्माण में लगभग 170 कर्मचारियों व अधिकारियों की टीम को दो साल का समय लगा है।
विज्ञापन
Vande Bharat Train: देहरादून-लखनऊ रूट पर कल से फर्राटा भरेगी वंदे भारत, पीएम मोदी वर्चुअल दिखाएंगे हरी झंडी
विज्ञापन
बताया कि टनल का काम पूरा करने के लिए वर्ष 2025 का टारगेट दिया गया है। उम्मीद है कि इस लक्ष्य को समय पर पूरा कर लेंगे। इस मौके पर मुख्य परियोजना प्रबंधक अजीत सिंह यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर हरेंद्र कुमार, हरिदयानंद सिंह, सीनियर प्लानिंग मैनेजर हाकिम मुजामिल, लाइजनिंग अधिकारी विनोद चौधरी, टीसीएम विनयपाल, भू-वैज्ञानिक अनिल मलेटा, आनंद पाल, टनल इंजीनियर विक्रांत, दीपक, इलेक्ट्रिक मैनेजर ब्यास देव शर्मा, सर्वे इंचार्ज प्रफुल्ला कुमार, मैकेनिक इंजीनियर राहुल, भरत आदि ने इस पर खुशी जताई और मिठाई बांटी।