फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Right to Information Act: Human rights commission report made public after three years

RTI: तीन साल बाद सार्वजनिक हुई मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी थी सूचना

Fri, 15 Jul 2022 10:26 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 15 Jul 2022 10:26 AM IST
सार

मानवाधिकार आयोग की सरकार को प्रस्तुत वार्षिक रिपोर्ट, विशेष रिपार्ट, इस पर कार्रवाई और उन्हें विधानसभा में रखने से संबंधित सूचना मांगी थी। अब मामले में सूचना आयुक्त विपिन चंद्र ने लोक सूचना अधिकारी को आदेश दिए हैं कि वह आरटीआई की कॉपी दस दिन के भीतर डाक के माध्यम से आरटीआई कार्यकर्ता को उपलब्ध कराएं।

विज्ञापन
Right to Information Act: Human rights commission report made public after three years
सूचना का अधिकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आरटीआई कार्यकर्ता नदीमउद्दीन ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी तो तीन साल के बाद मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक हो पाई। काशीपुर निवासी कार्यकर्ता नदीमउद्दीन ने मानवाधिकार आयोग की सरकार को प्रस्तुत वार्षिक रिपोर्ट, विशेष रिपार्ट, इस पर कार्रवाई और उन्हें विधानसभा में रखने से संबंधित सूचना मांगी थी।

विज्ञापन


लोक सूचना अधिकारी ने पहले तो इसके लिए 260 रुपये शुल्क मांगा। जब वह दे दिया गया तो उन्हें इसे सुरक्षा व गोपनीयता के चलते देने से इनकार कर दिया गया। इस पर नदीमउद्दीन ने सूचना आयोग के सूचना आयुक्त विपिन चंद्र की पीठ के सामने द्वितीय अपील की। इसकी सुनवाई के बाद सूचना आयुक्त ने माना कि तत्कालीन सूचना अधिकारी धीरज कुमार, वर्तमान अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी ने अपने दायित्वों का अनुपालन ठीक से नहीं किया।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें...अजब-गजब कारनामा: सुगम में तबादले के इंतजार में दुनिया छोड़ गए शिक्षक, मौत के चार साल बाद हुए अब ट्रांसफर के आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। मामले में पता चला कि 2012 से 2018 और 2019 की रुकी हुई रिपोर्ट इस बीच तैयार करने के बाद विधानसभा के पटल पर रखी दी गई है। यह रिपोर्ट 2018 से अटकी हुई थी जो कि आरटीआई में सूचना मांगे जाने के बाद इस बार हुए विधानसभा के ग्रीष्मकालीन सत्र में पटल पर रखी गई। अब मामले में सूचना आयुक्त विपिन चंद्र ने लोक सूचना अधिकारी को आदेश दिए हैं कि वह आरटीआई की कॉपी दस दिन के भीतर डाक के माध्यम से आरटीआई कार्यकर्ता को उपलब्ध कराएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed