पॉलीटेक्निक पेपर लीक मामले में खुलासा, शिक्षकों ने कर दिया बड़ा घपला
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पालीटेक्निक में इंजीनियरिंग ट्रेड के पेपर लीक होने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। शिक्षकों ने इसमें एक बड़ा घपला कर दिया। इससे छात्रों में काफी रोष है।
दरअसल छात्रों ने एप्लाइड मैथ्स का प्रथम पेपर लीक किए जाने का आरोप लगाते हुए इसे निरस्त किए जाने की मांग की है, जबकि प्राविधिक शिक्षा विभाग ने एप्लाइड मैथ्स के द्वितीय पेपर को निरस्त कर दिया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उक्त पेपर में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न पूछे गए थे। मंगलवार को पालीटेक्निक की अंक सुधार परीक्षा के तहत इंजीनियरिंग ट्रेड के छात्रों की एप्लाइड मैथ्स विषय के द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा थी।
जब छात्र परीक्षा देने के लिए संस्थान में पहुंचे तो छात्रों को पता चला कि उक्त विषय की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। छात्रों का कहना है कि उक्त पेपर के लीक होने पर इसे निरस्त किया गया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि सोमवार को आयोजित इसी विषय का प्रथम प्रश्नपत्र भी लीक हुआ था, जो उन्हें पेपर समाप्त होने के बाद पता चला।
छात्रों को हुआ बड़ा नुकसान
छात्रों ने आरोप लगाया कि कई छात्रों ने एप्लाइड मैथ्स का प्रथम प्रश्न पत्र तीन सौ से एक हजार रुपये तक की कीमत में खरीदा गया। छात्रों ने संस्थान प्रबंधन से प्रथम प्रश्न पत्र भी निरस्त किए जाने की मांग की है।
वहीं संस्थान के प्रधानाचार्य एसएस गुप्ता ने कहा कि पेपर लीक होने संबंधी कोई भी जानकारी उनके पास नहीं है। एप्लाइड मैथ्स द्वितीय प्रश्न पत्र दो बजे से शुरू होना था, लेकिन एक बजकर चार मिनट पर प्राविधिक शिक्षा परिषद सचिवालय से उन्हें इस प्रश्न पत्र को न खोले जाने के निर्देश मिले, जिस पर परीक्षा निरस्त कर दी गई है।
वहीं प्रावधिक शिक्षा परिषद के सचिव हरि सिंह ने बताया पेपर लीक होने संबंधी कोई मामला नहीं है। एप्लाइड मैथ्स विषय के द्वितीय प्रश्नपत्र में पाठ्यक्रम से बाहर था। इसलिए इसे निरस्त कर दिया गया है। पेपर के लिए दूसरी तिथि नियत की गई है।