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Dehradun News: सर्वे ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारी से 63 लाख की धोखाधड़ी
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- जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर दिखाई जमीन, पुलिस ने शुरू की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। कैंट थाना क्षेत्र निवासी सर्वे ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारी से किसी ने जमीन दिलाने के नाम पर 63 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष केके लूंठी के मुताबिक घटना 2022 की है। पीड़ित सर्वे ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारी अनिल सिंह राणा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्हें जमीन खरीदनी थी। इस बावत उनकी मुलाकात प्रदीप सकलानी नाम के युवक से हुई थी। उसने अजबपुर कलां में एक प्लॉट दिखाया था, जिसका सौदा 74.71 लाख रुपये में तय हुआ। प्रदीप सकलानी ने उन्हें जमीन के दस्तावेज भी दिखाए थे। इसका अनुबंध पत्र भी बनाया गया था। इसमें यह तय हुआ था कि जमीन की पूरी रकम अदा करने के बाद रजिस्ट्री कर दी जाएगी। पीड़ित ने रजिस्ट्री से पूर्व 63 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा तो आरोपी व्यस्त होने की बात कहकर टाल दिया। कई बार बोलने के बाद भी उसने रजिस्ट्री नहीं करवाई। बाद में उन्हें युवक के जमीन धोखाधड़ी में संलिप्त होने की कई घटनाओं के बारे में पता चला। वह जमानत पर बाहर आया था। थानाध्यक्ष केके लूंठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। कैंट थाना क्षेत्र निवासी सर्वे ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारी से किसी ने जमीन दिलाने के नाम पर 63 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष केके लूंठी के मुताबिक घटना 2022 की है। पीड़ित सर्वे ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारी अनिल सिंह राणा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्हें जमीन खरीदनी थी। इस बावत उनकी मुलाकात प्रदीप सकलानी नाम के युवक से हुई थी। उसने अजबपुर कलां में एक प्लॉट दिखाया था, जिसका सौदा 74.71 लाख रुपये में तय हुआ। प्रदीप सकलानी ने उन्हें जमीन के दस्तावेज भी दिखाए थे। इसका अनुबंध पत्र भी बनाया गया था। इसमें यह तय हुआ था कि जमीन की पूरी रकम अदा करने के बाद रजिस्ट्री कर दी जाएगी। पीड़ित ने रजिस्ट्री से पूर्व 63 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा तो आरोपी व्यस्त होने की बात कहकर टाल दिया। कई बार बोलने के बाद भी उसने रजिस्ट्री नहीं करवाई। बाद में उन्हें युवक के जमीन धोखाधड़ी में संलिप्त होने की कई घटनाओं के बारे में पता चला। वह जमानत पर बाहर आया था। थानाध्यक्ष केके लूंठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।