{"_id":"65566521af56ba605307a5f4","slug":"responsible-for-the-ugliness-of-the-city-dehradun-news-c-5-1-drn1031-288615-2023-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: शहर की बदसूरती के लोनिवि, पेयजल निगम, जल संस्थान, एमडीडीए, ऊर्जा निगम भी जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: शहर की बदसूरती के लोनिवि, पेयजल निगम, जल संस्थान, एमडीडीए, ऊर्जा निगम भी जिम्मेदार
विज्ञापन
शहर की बदसूरती के लिए भले ही नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन लोनिवि, एमडीडीए, जलसंस्थान, जल निगम, ऊर्जा निगम सहित अन्य विभाग की इसमें बराबर की जिम्मेदार हैं। अगर यह सभी विभाग शहर को सुंदर बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी समझें और नगर निगम के साथ मिलकर काम करें तो दून शहर इंदौर की तरह ही स्वच्छ और सुंदर शहरों की सूची में टॉप पर आ जाएगा।
दसअसल, दून को स्वच्छ और सुंदर बनाने का जिम्मा केवल नगर निगम के कंघों पर डाला जाता है। इसलिए शहर की बदसूरती का ठीकरा भी नगर निगम पर ही फोड़ा जाता है। लेकिन, जलनिगम, जल संस्थान अपने कार्यों के लिए सड़कों को खोदते हैं और मलबा ऐसे ही सड़क किनारे छोड़ देते हैं। लोनिवि इन विभागों से रोड कटिंग का पैसा लेता है, लेकिन वह भी मलबे को नहीं हटवाता। लोनिवि के फुटपाथ, सड़कों पर अतिक्रमण पसरा रहता है। यह मलबा और अतिक्रमण भी शहर की खूबसूरती में दाग हैं।
इसके अलावा शहर को खूबसूरत बनाने का जिम्मा एमडीडीए के पास भी है, लेकिन अवैध और बिना मानकों के निर्माणों पर एमडीडीए अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम है। बिना जांचे नक्शे पास कर दिए जाते हैं। जो बाद में अन्य विभागों के लिए आफत बनते हैं। ऊर्जा निगम को ही लीजिए, शहर हो या शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के खंभों पर बेतरतीब ढंग से लगे विज्ञापन, तारों के जाल लटके हुए हैं। लेकिन इस बात से ऊर्जा निगम के अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन अगर आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में दून को टॉप शहरों में शामिल करना है तो नगर निगम के साथ ही इन विभागों को बराबर की जिम्मेदारी निभानी होगी। तभी जाकर दून को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
नगर निगम शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए लगातार कोशिश में जुटा है। अन्य विभागों को भी चाहिए कि वह इसमें इसमें निगम का साथ दें। जिससे दून को देशभर में स्वच्छ और सुंदर शहरों में शामिल किया जा सके।
सुनील उनियाल गामा, मेयर नगर निगम
विज्ञापन
दसअसल, दून को स्वच्छ और सुंदर बनाने का जिम्मा केवल नगर निगम के कंघों पर डाला जाता है। इसलिए शहर की बदसूरती का ठीकरा भी नगर निगम पर ही फोड़ा जाता है। लेकिन, जलनिगम, जल संस्थान अपने कार्यों के लिए सड़कों को खोदते हैं और मलबा ऐसे ही सड़क किनारे छोड़ देते हैं। लोनिवि इन विभागों से रोड कटिंग का पैसा लेता है, लेकिन वह भी मलबे को नहीं हटवाता। लोनिवि के फुटपाथ, सड़कों पर अतिक्रमण पसरा रहता है। यह मलबा और अतिक्रमण भी शहर की खूबसूरती में दाग हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा शहर को खूबसूरत बनाने का जिम्मा एमडीडीए के पास भी है, लेकिन अवैध और बिना मानकों के निर्माणों पर एमडीडीए अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम है। बिना जांचे नक्शे पास कर दिए जाते हैं। जो बाद में अन्य विभागों के लिए आफत बनते हैं। ऊर्जा निगम को ही लीजिए, शहर हो या शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के खंभों पर बेतरतीब ढंग से लगे विज्ञापन, तारों के जाल लटके हुए हैं। लेकिन इस बात से ऊर्जा निगम के अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन अगर आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में दून को टॉप शहरों में शामिल करना है तो नगर निगम के साथ ही इन विभागों को बराबर की जिम्मेदारी निभानी होगी। तभी जाकर दून को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
नगर निगम शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए लगातार कोशिश में जुटा है। अन्य विभागों को भी चाहिए कि वह इसमें इसमें निगम का साथ दें। जिससे दून को देशभर में स्वच्छ और सुंदर शहरों में शामिल किया जा सके।
सुनील उनियाल गामा, मेयर नगर निगम