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केदारनाथ में पुरोहितों का पुनर्वास पैकेज जारी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 09 Apr 2015 03:10 PM IST
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केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों के पुनर्वास और सहायता का आदेश शासन ने जारी कर दिया है। रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जिला घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही सोनप्रयाग में आपदा से प्रभावितों के पुनर्वास का भी शासनादेश जारी कर दिया गया है।
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कुछ समय पहले ही कैबिनेट ने इस पुनर्वास पैकेज पर मुहर लगाई थी। इसके साथ ही शासन ने रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ को जिला आपदा प्राधिकरण जिला घोषित कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक जिलों में परियोजना प्रबंधन इकाई गठित होगी। प्राधिकरण ही इस इकाई के रूप में काम करेगा।
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नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) को कार्यदायी संस्था के रूप में घोषित किया गया है। प्राधिकरण ही आपदा प्रबंधन और पुनर्निर्माण का सारा काम करेगा। प्राधिकरण को अधिकार होगा कि केदारनाथ में वर्क चार्ज के आधार पर काम करवा सके। इसके लिए एक तकनीकी सलाहकार समिति गठित होगी और प्राधिकरण पांच करोड़ रुपये तक के काम करवा सकेगी।
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सोनप्रयाग में पुनर्वास पैकेज के आदेश के अनुसार 15 क्षतिग्रस्त भवनों का आकलन करीब दो करोड़ रुपए हुआ है। सोनप्रयाग में शॉपिंग काम्प्लेक्स बनाया जाएगा और इसमें दुकानें प्रभावित 40 परिवारों को आवंटित की जाएंगी। मल्टी स्टोरी काम्प्लेक्स और शॉपिंग मॉल केबाद बची भूमि पर आपदा प्रभावितों को पूर्व में कब्जे के बराबर भूमि दी जाएगी।
केदारनाथ में पुनर्वास
- भवन, लॉज और पुरोहितों, व्यवसायियों के अभिलेखों की जांच जिलाधिकारी करेंगे।
ध्वस्त किए जाने वाले भवनों का मुआवजा वास्तविक सर्किल रेट पर। पूर्ण क्षतिग्रस्त हुए भवनों केस्वामी भी इसके पात्र होंगे। रेट 26990 प्रति वर्ग मीटर होगा।
- भवन ध्वस्तीकरण में भवन स्वामियों की सहमति जरूरी होगी। भवन स्वामी की उपस्थिति में नाप जोख होगी। सामान की फर्द तैयार की जाएगी। कार्यवाही की फोटोग्राफी होगी।
- भूमि के उपचार के बाद केदारनाथ के भू अभिलेखों के मुताबिक भू स्वामियों को निकट की भूमि दी जाएगी।
- केदारपुरी के बाहर भी निर्माण करके भू स्वामियों को आवंटित किया जा सकता है।
- सारे रिकार्ड डिजीटाइज होंगे।
- केदारनाथ मंदिर के लिए 50 फिट रास्ता और मंदिर के तीनों ओर 30 फीट की जमीन के भू स्वामियों को विशेष पैकेज दिया जाएगा।
- पुनर्वास पैके ज पर असहमति होने की स्थिति में जिलाधिकारी को अधिकार होगा कि वह बातचीत कर शासन की अनुमति से मुआवजा बढ़ा सकेंगे।