GST से चमकेगा रियल एस्टेट सेक्टर, एक लाख लोगों को मिलेगें सस्ते घर
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रियल एस्टेट एक्ट-2016 यानी रेरा को लेकर दोतरफा संवाद की कवायद तेज हो गई है। इस क्रम में वर्कशॉप का सिलसिला शुरू किया गया है। जीएसटी के साथ रेरा को जोड़ते हुए सरकार ने शुक्रवार को ये संदेश देने की कोशिश की कि इससे रियल एस्टेट सेक्टर चमकेगा।
सरकार ने साफ किया है कि रेरा से न सिर्फ खरीददार, बल्कि विक्रेता के हित भी सुरक्षित किए जाएंगे। एक मई 2017 से रेरा उत्तराखंड में भी लागू हो चुका है।
हालांकि इसके तहत अभी तक बिल्डरों का पंजीकरण शुरू नहीं हो पाया है। सरकार को इस काम के लिए एक अलग अथॉरिटी बनानी है, लेकिन फिलहाल पंजीकरण का जिम्मा उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण यानी उडा को दिया गया है।
शुक्रवार को एक होटल में आयोजित वर्कशॉप में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख आवासहीन लाभार्थियों को आवास दिया जाएगा।
बिल्डरों को कराना होगा पंजीकरण
इसके तहत प्राइवेट बिल्डरों के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब जो बिल्डर अपनी कॉलोनी बनाएगा, वह बनाए जाने वाले मकानों की संख्या और उसकी कीमत का पंजीकरण कराएगा और प्राधिकरण इसको नियंत्रित करेगा।
उन्होंने कहा की पंजीकरण संबंधी सभी सुविधाएं सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना के तहत भवनों को 50 प्रतिशत बिल्डर और 50 प्रतिशत सरकार अपनी शर्तों पर बेचेगी। राज्य सरकार से जुड़कर प्राइवेट बिल्डर कार्य करेंगे।
इस मौके पर बताया गया कि जल्द ही रुद्रपुर और हरिद्वार में भी ऐसी कार्यशाला जन जागरूकता के लिए आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में रेरा से संबंधित गाइडलाइन पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। आवास सचिव अमित सिंह नेगी, एमडीडीए वीसी विनय शंकर पांडेय, सचिव एमडीडीए पीसी दुमका समेत कई बिल्डर मौजूद थे।