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उत्तराखंड: कोसी नदी में दिखे दुर्लभ जीव, द कॉर्बेट फाउंडेशन ने जारी की तस्वीर
Sun, 16 Dec 2018 08:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 16 Dec 2018 08:48 AM IST
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ऊदबिलाव
- फोटो : अमर उजाला
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ढिकुली गांव में इनफिनिटी रिजॉर्ट के किनारे स्थित कोसी नदी के महाशीर पूल के पास पहली बार ऊदबिलाव देखे गए हैं। संरक्षण गतिविधियों से जुड़े लोगों ने इसे सकारात्मक संदेश बताया है।
द कॉर्बेट फाउंडेशन ढिकुली के उपनिदेशक हरेंद्र सिंह बर्गली ने बताया कि ऊदबिलाव की उपस्थिति कोसी में पानी के अच्छे पारिस्थितिक तंत्र होने के संकेत हैं।
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द कॉर्बेट फाउंडेशन ढिकुली के उपनिदेशक हरेंद्र सिंह बर्गली ने बताया कि ऊदबिलाव की उपस्थिति कोसी में पानी के अच्छे पारिस्थितिक तंत्र होने के संकेत हैं।
मछलियों की अच्छी उपलब्धता वाले पूलों की पहचान की गई
ऊदबिलाव
- फोटो : अमर उजाला
इसका श्रेय महाशीर मछली के संरक्षण के उपाय को जाता है, क्योंकि रामनगर वन प्रभाग, द कॉर्बेट फाउंडेशन, भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून आपसी सहयोग से महाशीर मछली के संरक्षण की परियोजना पर कार्य कर रहे हैं।
इसके पहले चरण में कोसी में मछलियों की अच्छी उपलब्धता वाले पूलों की पहचान की गई। इसके लिए कोसी में मानसून से पहले और मानसून के बाद दो बार बैराज से कुणखेत गांव तक के पूलों का सर्वेक्षण किया गया।
इसमें पाया गया कि ऊदबिलाव, महाशीर की मौजूदगी, मछलियों की सुरक्षा, पर्याप्त संख्या, उनके लिए भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता समेत शिकारियों से सुरक्षा का भी आंकलन किया गया।
इसके पहले चरण में कोसी में मछलियों की अच्छी उपलब्धता वाले पूलों की पहचान की गई। इसके लिए कोसी में मानसून से पहले और मानसून के बाद दो बार बैराज से कुणखेत गांव तक के पूलों का सर्वेक्षण किया गया।
इसमें पाया गया कि ऊदबिलाव, महाशीर की मौजूदगी, मछलियों की सुरक्षा, पर्याप्त संख्या, उनके लिए भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता समेत शिकारियों से सुरक्षा का भी आंकलन किया गया।