{"_id":"3716f6c059fe81127e733ad1b75a702c","slug":"rape-and-murder-case-in-roorkee","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम बनते ही छात्रा हत्याकांड भूल गए रावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम बनते ही छात्रा हत्याकांड भूल गए रावत
अमर उजाला, पथरी
Updated Wed, 12 Feb 2014 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रा हत्याकांड को एक माह से ऊपर हो चुका है। लेकिन पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई। इसी सिलसिले में छात्रा के माता-पिता मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने देहरादून पहुंचे। लेकिन मुलाकात न होने से मायूस होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन
रेप के बाद की गई थी हत्या
पथरी के एक गांव में सात जनवरी को रेप के बाद छात्रा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। तब से अब तक प्रदेश को हिलाकर रख देने वाले हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली हैं।
विज्ञापन
सीएम से बिना मिले लौटे परिजन
मंगलवार को छात्रा के परिजन मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने देहरादून गए। देर रात तक विधानसभा से सचिवालय तक दौड़ भाग करने पर भी उनकी सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई। अंत में दोनों को गांव लौटना पड़ा। परिजनों ने बताया, दुबारा मिलने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
हरीश रावत से थी उम्मीदें
सांसद हरीश रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद उम्मीद जगी थी कि छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए हरिद्वार पुलिस पर दबाव बनेगा। लेकिन ऐसा लग रहा है कि संसदीय क्षेत्र में घटी इस वारदात को मानो सीएम भूल ही गए हों।
पढ़ें,कमजोर हो रही है उत्तराखंड की रीढ़
रावत कैंप के स्थानीय कांग्रेसी भी कल तक गरीब की बेटी को इंसाफ दिलाने को हो-हल्ला कर रहे थे। लेकिन वे भी अब चुप्पी साधे हुए हैं। हरीश रावत अपने संसदीय क्षेत्र में हत्याकांड के घटित होने पर खासतौर पर दिल्ली से यहां पहुंचे थे और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए यथासंभव मदद का आश्वासन दिया था।
क्षेत्र में गए पर परिजनों से नहीं मिले
हरीश रावत जब सीएम बने तब लगा था कि छात्रा हत्याकांड उनकी प्राथमिकता में होगा, लेकिन बतौर सीएम दस दिन बीतने पर ऐसा कहीं दिखाई नहीं दिया।
पढ़ें, CEO जितना कमाते हैं बदरीनाथ के रावल
हरीश रावत यहां कई योजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे फिर भी छात्रा के परिजनों से मिलने की जहमत नहीं उठाई।