माह-ए-रमजान का इंतजार खत्म, मस्जिदों में तरावीह शुरू, आज पहला रोजा
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चांद का दीदार होते ही सोमवार शाम से माह-ए-रमजान का आगाज हो गया। आज पहला रोजा है। वहीं मुस्लिम इलाकों में सोमवार को खास चहल-पहल नजर आई। मस्जिदों में तरावीह का दौर शुरू हो गया है। इसके अलावा समुदाय के लोगों ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गले मिलकर रमजान की बधाई दी।
शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी और शहर मुफ्ती सलीम अहमद ने चांद की तस्दीक कर सभी को रमजान की बधाई दी है। उन्होंने बताया कि ईशा की नमाज के बाद शहर की तमाम मस्जिदों में तरावीह का सिलसिला शुरू हो गया है।
20 रकात नमाज-ए-तरावीह अदा की जाती है। इसे पूरे महीने हाफिज सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि माह-ए-रमजान नेकी कमाने का महीना है। इसमें हर नेक काम के बदले 70 गुना पुण्य मिलता है।
रोजी देने वाले परवरदिगार इस माह में हम सभी की परीक्षा लेते हैं और इस परीक्षा में पास होने वाले बंदे के ऊपर रहमत बरसती है। उन्होंने कहा कि पूरे महीने रोजे रखना हर मुसलमान का फर्ज है। यदि मजबूरी वश कोई रोजा नहीं रख सकता तो वह रोजेदार के सामने कुछ न खाएं। माह-ए-रमजान में सभी बुराईयों से दूर रहना चाहिए।
रमजान का टाइम
पहला रोजा (मंगलवार)
इफ्तार (7 मई)
सुन्नी: 5:01 बजे, शाम
शिया: 7:11 बजे शाम
दूसरा रोजा (बुधवार)
सहरी (8 मई)
सुन्नी -4:01 बजे प्रात:
शिया -3:50 बजे प्रात: