सालों तक नौकरी से लापता रहे पूर्व IAS की वापसी को लगा झटका
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सालों तक सेवा से लापता रहने के चलते स्वैच्छिक इस्तीफे की जद में आए पूर्व आईएएस अधिकारी आरके सिंह के दुबारा सेवा में आने की कोशिशों को अपर मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने जोर का झटका दिया है। उन्होंने कार्मिक विभाग में आरटीआई लगाकर आरके सिंह के संबंध में तमाम जानकारियां मांगी हैं। इस बाबत दिए गए पत्र में उन्होंने इस प्रकरण को अपने भविष्य से जुड़ा मामला बताया है।
वर्ष 1984 बैच के आईएएस अधिकारी आरके सिंह को राज्य गठन के दौरान उत्तराखंड काडर अलॉट हुआ था। मगर इसके पूर्व वर्ष 1996 में वे तीन साल की स्टडी लीव पर चले। इसके बाद भी वे किसी न किसी कारण से अवकाश पर रहे।
इधर, केंद्र सरकार ने लगातार पांच साल से अधिक सेवा से गैरहाजिर रहने के चलते उनका स्वैच्छिक इस्तीफा मान लिया। इधर, मौजूदा मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की सेवानिवृत्ति नजदीक देख आरके सिंह ने ये दावा किया वे लगातार पांच साल तक अवकाश पर नहीं थे। उन्होंने 17 जुलाई 2001 को एक दिन काम करने संबंधी योगदान आख्या भी प्रस्तुत की।
अफसरशाही में चर्चा बना रामास्वामी का ये कदम
शासन ने उनके दावे का परीक्षण करके उन्हें एक दिन का वेतन देने की सिफारिश करते हुए फाइल मुख्यमंत्री के यहां भेज दी। इस तरह से अचानक सेवा में आने की तैयारी मुख्य सचिव की लाइन में लगे अफसरों को अखर गई। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने कार्मिक विभाग में आरटीआई लगायी है।
इसमें उन्होंने आरके सिंह की पत्रावली की शुरुआत से लेकर अंत तक के सभी पन्नों और विभागीय नोटिंग की जानकारी मांगी है। शुक्रवार को लगाई गई आरटीआई में उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर अतिशीघ्र निर्णय ले सकती है, इसलिए इसका जवाब आज ही दिया जाए।
रामास्वामी के इस कदम की चर्चा पूरे दिन उत्तराखंड के नौकरशाहों के बीच रही। माना जा रहा है कि इन दस्तावेज को वे कोर्ट केस के लिए इस्तेमाल करेंगे। उनके इस कदम से आरके सिंह की वापसी खटाई में पड़ सकती है।