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कन्या पूजन से बचे, गोमाता को प्रसाद खिलाकर खोले व्रत

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 06:17 PM IST
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ram navmi worship
(नोट: नोएडा भी भेजे) कन्या पूजन से बचे, गोमाता को प्रसाद खिलाकर खोले व्रत - व्रती महिलाओं ने घरों में नहीं किया कन्या पूजन, कन्याओं के घरों में जाकर दी दक्षिणा -मंदिरों में भी सामान्य पूजा-अर्चना, 5 से 10 लोग ही रहे मौजूद, कोरोना वायरस के चलते लोगों ने दिखाई समझदारी माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। लॉक डाउन के चलते शहर में नवरात्र राम नवमी बेहद सामान्य तरीके से मनाई गई। लोगों ने कन्या पूजन से परहेज किया और गाय को प्रसाद खिलाकर व्रत खोले। वहीं, मंदिरों में भी सामान्य तरीके से पूजा-अर्चना हुई और ज्यादा लोगों के जुटने से परहेज किया। बृहस्पतिवार सुबह व्रती महिलाओं ने मां भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की। लोगों ने ज्योतिषाचार्य से मार्गदर्शन लिया और उनके बताए अनुसार कन्या पूजन की बजाय गोमाता की पूजा की। गोमाता को देवी स्वरूप मानते हुए उसे प्रसाद खिलाया और अपना व्रत सम्पन्न किया। वहीं, श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में मां भगवती की पूजा-अर्चना व आरती हुई। सिद्ध सनातन धर्म मंदिर प्रेमनगर में भी पूजा की गई। अन्य मंदिरों में भी आरती हुई, लेकिन सभी मंदिरों में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। 5 से 10 सदस्य ही पूजा में शामिल हुए और सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा। कन्याओं को बुलाया नहीं, घर जाकर दी दक्षिणा::: कई व्रती महिलाओं ने परंपरा के अनुसार कन्याओं को दक्षिणा भी दी। लेकिन, उन्होंने कन्याओं को बुलाने के बजाय खुद उनके घर जाकर दक्षिणा दी। वहीं, इस बार लोगों ने भी जागरूकता दिखाते हुए अपनी बेटियों को जिमने नहीं भेजा। आम तौर पर राम नवमी में मोहलों में कन्याओं की टोलियों की रहने वाली चहल-पहल इस बार बिल्कुल गायब रही। प्रसाद लिया न दिया, दिखाई समझदारी:: लॉक डाउन के चलते घरों में क्वारन्टीन हुए लोग अब कोरोना वायरस को लेकर खासा सतर्क हैं। इसी का नजारा राम नवमी को देखने को मिला। घरों में लोगों ने प्रसाद तो बनाया, लेकिन दूसरे घरों में देने से परहेज किया। लोग दूसरों से संपर्क में आने से बचते रहे और अपने ही घरों में रहे। वहीं, किसी घर में कन्या के लिए दक्षिणा के साथ प्रसाद भेजा गया तो वे प्रसाद लेने से बचते नजर आए। इस तरह लोगों ने खासी समझदारी का परिचय दिया।
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