पहाड़ काटकर निम ने बनाया नंदा का रास्ता
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नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) नंदादेवी राजजात ट्रैक पर ज्यूरागली से शिला समुद्र तक रविवार शाम तक खंडजा मार्ग का निर्माण कर देगा।
निम का दावा है कि इस मार्ग पर हर आयु वर्ग के लोग आराम से चल सकते हैं। निम ने ट्रैक पर यात्रियों के रुकने के लिए लगने वाले टेंटों के स्थान भी चयनित कर दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने निम को वाण से लाटखोपड़ी (60 किमी) तक नंदा देवी राजजात ट्रैक के डेंजर जोन सुधारने और पड़ावों पर टेंट की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी है। 15 अगस्त से निम का मिशन केदारनाथ से शुरू हुआ था।
निम ने सबसे पहले ऐसे डेंजर जोन में रास्ते बनाने का काम शुरू किया, जहां बिल्कुल भी जगह नहीं थी। पहले चरण में निम की 130 सदस्यीय टीम ने बगुवासा में कैंप करते हुए रूपकुंड से ज्यूरा टॉप के बीच रास्ता और सीढ़ियां बनाई। 21 अगस्त को टीम आगे रवाना हुई।
17500 फीट की ऊंचाई पर बनाया रास्ता
इन दिनों टीम एवरेस्टर सूबेदार तेजपाल सिंह के नेतृत्व में ज्यूरागली से शिला समुद्र के बीच लगभग दो किमी पैच में रास्ते का निर्माण कर रही है। ज्यूरागली समुद्र तल से करीब 17,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां विषम परिस्थिति में काम करना बहुत मुश्किल है। इससे आगे ग्लेशियर हैं। वहां भी निम रास्ता बना रहा है।
मेडिकल सुविधा भी देगी निम
राजजात ट्रैक पर निम के डॉक्टर भी यात्रियों की मदद के लिए तैयार रहेंगे। मौजूदा समय में निम के तीन डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ टीम के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए तैनात हैं। जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम बीमार यात्रियों का उपचार करेगी।
इनका है कहना
24 अगस्त तक रास्ता बनकर तैयार हो जाएगा। इस रास्ते पर पांच साल के बच्चे से लेकर 80 साल तक बुुजुर्ग व्यक्ति सुगमता से चल सकता है। ट्रैक पर गैरोली पातल और वेदनी में टेंट लगाने के लिए स्थान चयनित कर लिए गए हैं।
-कर्नल अजय कोठियाल, प्रधानाचार्य निम।