उत्तराखंड में जारी बारिश का कहर, दो युवकों की मौत
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पहाड़ पर आपदा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को रुद्रप्रयाग में एक युवक मंदाकिनी में बह गया तो उत्तरकाशी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मूसलाधार बारिश से यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे बंद होने और खुलने का सिलसिला जारी है। इससे केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई है।
रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में चंद्रापुरी बाजार के निकट मंदाकिनी नदी पर लगी ट्राली में बैठने के दौरान पैर फिसल जाने से नैली गांव निवासी मनोज सिंह (26) पुत्र लखपत सिंह नदी में जा गिरा और तेज बहाव में बह गया। युवक अपनी पत्नी के साथ घर को लौट रहा था।
घटना से गुस्साए लोगों ने करीब साढ़े चार घंटे तक रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग जाम किया। जिलाधिकारी ने नदी में बहे युवक के परिजनों को तत्काल दो लाख रुपये की त्वरित मदद देने की बात कही है।
उधर, उत्तरकाशी जिले के नौगांव ब्लाक के सिमलसारी गांव निवासी बुद्धि लाल (42) पुत्र भीमलाल बुधवार सुबह करीब सात बजे खेतों से टमाटर की फसल निकालने जा रहा था। गांव के पास ही अचानक पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से वह करीब पचास मीटर गहरे खड्ड में जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
टैक्सी स्टैंड के पास टूटी चट्टान, मलबे में दबे वाहन
मंगलवार रात को मूसलाधार बारिश के दौरान चिन्यालीसौड़ ब्लाक के रिखाणगांव निवासी चंदन सिंह की गोशाला ढह गई। वहीं, हादसे में उसकी पत्नी सुनीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गई।
टिहरी जिले के घनसाली ब्लॉक में तेज बारिश से टिहरी मार्ग पर बने टैक्सी स्टैंड के पास चट्टान टूट गई, जिससे वहां खड़े किए गए तीन वाहन मलबे में दब गए। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से कई आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। टिहरी-केदारनाथ मोटर मार्ग बंद हो गया, जिसे बुधवार दोपहर को खोल दिया गया।
बुधवार को करीब 12 घंटे अवरुद्ध रहने के बाद शाम छह बजे यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर हो पाया। वही, केदार यात्रा भी प्रभावित रही। यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक दिया गया। दोपहर बाद मौसम साफ होने पर यात्रा दुबारा शुरू हो सकी।