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आरटीओ के बाहर स्टांप वेंडरों के खिलाफ प्रशासनिक टीम का औचक छापा

Tue, 10 Dec 2019 02:03 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 02:03 AM IST
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Raid against stamp vendors, documents captured
देहरादून। आरटीओ के बाहर अनाधिकृत तरीके से स्टांप पेपर बेचने और शपथपत्र बनवाने को लेकर उपजिलाधिकारी की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने औचक छापा मारा। इस दौरान टीम ने वेंडरों से दस्तावेज कब्जे में लेकर पूछताछ की। कार्रवाई से स्टांप वेंडरों, साइबर कैफे संचालकों और कर्मचारियों में अफरातफरी का माहौल रहा। अपर जिलाधिकारी वित्त ने उपजिलाधिकारी से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
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अपर जिलाधिकारी वित्त वीर सिंह बुदियाल को शिकायत मिली थी कि आरटीओ दफ्तर के बाहर कुछ स्टांप वेंडर अनाधिकृत रूप से स्टांप बेचने और शपथपत्र बनाने का काम कर रहे हैं। इस पर उन्होंने ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) गोपाल राम बिनवाल को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसडीएम की अगुवाई में अपराह्न में टीम ने आरटीओ के बाहर छापा मारा और वेंडरों के दस्तावेज कब्जे में लिए। जिस वेंडर के खिलाफ शिकायत की गई थी टीम ने उससे दस्तावेज कब्जे में लेकर पूछताछ की। उसके बाद टीम लौट गई। मौके से वेंडर, दलाल और कैफे संचालक भाग निकले। इसको लेकर आरटीओ कर्मचारियाें में भी हड़कंप की स्थिति रही। अपर जिलाधिकारी वित्त वीर सिंह बुदियाल ने बताया कि एसडीएम से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। यदि रिपोर्ट में अनियमितता पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शपथपत्रों पर उठे सवाल
छापे के दौरान यह बात सामने आई कि वाहनों के ट्रांसफर में दोनों पक्ष के लोगों से स्टांप पेपर पर शपथपत्र लिए जा रहे हैं जो सरासर गलत है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि जब बेचने व खरीदने वाले दोनों पक्ष सामने मौजूद हो तो शपथपत्र लेने की क्या जरूरत है?
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कार्यालय के बाहर छापे की जानकारी विभागीय अधिकारियों की ओर से दी गई थी। लेकिन स्टांप वेंडरों, साइबर कैफे संचालकों से विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। जहां तक दलालों का सवाल है तो कार्यालय में इनके प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध है। दलाल कार्यालय में दाखिल न हो, इसके लिए सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। वाहन मालिक खुद आएं और काम करवाएं तो बेहतर होगा। -डीसी पठोई, आरटीओ
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