15 किमी पैदल चल राहुल पहुंचे बाबाधाम, LIVE हाल
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने केदारनाथ पैदल पहुंचकर बाबा के दर्शन किए। सुबह लिनचौली से पैदल चढ़ाई चढ़कर सुबह तड़के धाम तक पहुंच गए। दो दिनों में 15 किमी के पैदल रास्ते पर जिस तेजी से राहुल ने कदम बढ़ाए, उसे देख उनके साथ चलने वाले भी हैरान थे।
उनके चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी, बल्कि गजब का उत्साह झलक रहा था। शुक्रवार को लिनचौली से केदारनाथ तक उन्होंने पांच किमी का पैदल सफर तय किया। जबकि बृहस्पतिवार को वह गौरीकुंड से 11 किमी पैदल चलकर लिनचौली पहुंचे थे। यहां वह नेपाली मजदूरों से मिले ही नहीं बल्कि उनके साथ बैठकर चाय की चुस्की ली और बिस्कुट भी खाए।
बृहस्पतिवार रात 10 बजे राहुल ने जीएमवीएन के लंगर में तीर्थयात्रियों के साथ अरहर की दाल और चार पूड़ी खाई। हट्स में रात्रि विश्राम के दौरान उन्होंने कुछ कार्यकर्ताओं से यात्रा तैयारियों के साथ स्थानीय स्थितियों के बारे में जानकारी ली।
बर्फ के रास्ते रक चार किमी चले राहुल
रात्रि विश्राम के लिए भी रात 11 बजे गए। शुक्रवार को सुबह साढ़े छह बजे राहुल गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ केदारनाथ दर्शन के लिए निकल पड़े। छानी कैंप पहुंचने पर उन्हें पूरे क्षेत्र में कई फीट तक बर्फ दिखने के बाद वह रुक गए। यहां दो मिनट रुकने के बाद ग्लेशियरों के बीच बने रास्ते से गुजरे।
फिसलन से बचने के लिए राहुल ने स्टिक हाथ में ले ली और आगे बढ़ते गए। कुछ स्थानों पर वे फिसलन से बचने के लिए रास्ते के किनारे बिछी बर्फ के ऊपर से चल दिए। रुद्रा प्वाइंट पर पहुंचकर उन्होंने इस पूरे क्षेत्र का अवलोकन किया।
इस दौरान साथ चल रहे कार्यकर्ताओं से राहुल बोले, प्रकृति ने यहां जो नेमत दी है, उसे संजोना हम सभी का कर्तव्य है। पैदल रास्ता अच्छा बना है। यहां राहुल को लेने के लिए एटीवी भी पहुंची, लेकिन उन्होंने उसमें जाने से मना कर दिया।
प्रातः 8 बजे पहुंच गए बाबा के धाम
राहुल पैदल ही धाम की ओर बढ़े और प्रात: 8 बजे केदारनाथ मंदिर पहुंच गए। यहां मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया और उन्हें अलग कक्ष में कपाट खुलने तक विश्राम के लिए कहा। लेकिन राहुल बोले, वह विश्राम करने नहीं, बल्कि बाबा केदार के दर्शन और यहां काम कर रहे लोगों और विभिन्न राज्यों से आए देव भक्तों से मिलने आए हैं।
वह निम के मजदूरों से लेकर एसडीआरएफ के जवानों और कई अन्य लोगों से बड़ी आत्मीयता से मिले ही नहीं बल्कि फोटो भी खिंचवाए। प्रात: 8.50 पर कपाट खुलने के करीब 10 मिनट बाद राहुल गांधी ने बाबा केदार के दर्शन किए और मंदिर में 15 मिनट तक पूजा-अर्चना की।
इसके बाद राहुल गांधी एमआई-26 हेलीपैड पर बने कॉटेज पहुंचे। यहां राहुल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ बैठकर चाय पी। उन्होंने मुख्यमंत्री से यात्रा व्यवस्थाओं और केदारनाथ में हो रहे पुनर्निर्माण के कार्यों पर भी चर्चा की।
'मंदिर दर्शन को जाते हैं मन्नत के लिए नहीं'
उन्होंने करीब चार मिनट पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि वे मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं, मन्नत के लिए नहीं। कहा उत्तराखंड और केदारनाथ पूरी तरह से सुरक्षित है। कुछ बिंदुओं पर वे शीघ्र सीएम हरीश रावत से बात करेंगे।
राहुल गांधी ने इस दौरान नीली रंग की जींस, ग्रे रंग की टीशर्ट और हल्के काले रंग की जैकेट पहने हुए थे। कुछ देर के लिए टोपी भी उन्होंने पहने रखी। इसके बाद राहुल गांधी एमआई-26 हेलीपैड से प्रात: 11.16 मिनट पर हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट के लिए रवाना हुए।
इससे पूर्व बीते बृहस्पतिवार को भी गौरीकुंड से लिनचौली तक राहुल गांधी ने रास्ते में कई मजदूरों से बातचीत कर उनके घर, परिवार, आजिविका के बारे में पूछा था। राहुल ने मजदूरों से यह भी कहा कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेंजे, उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करें।