ऋषिकेश: आज से शुरू हुआ गंगा में राफ्टिंग का रोमांच भरा सफर, राफ्ट संचालकों के चेहरे खिल उठे
साहसिक खेलों के शौकीनों का इंतजार अब समाप्त हो गया है। आज 20 सितंबर सोमवार से गंगा में राफ्टिंग का रोमांच भरा सफर शुरू हो गया है।
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टिहरी प्रशासन की ओर से गंगा में राफ्टिंग को हरी झंडी मिल गई है। इससे राफ्ट संचालकों के चेहरे खिल उठे हैं। पितृ पक्ष शुरू होने से पूर्व राफ्ट संचालकों ने खारास्रोत में गंगा पूजन कर दिया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से रविवार को राफ्ट का संचालन शुरू नहीं हुआ।
राफ्टिंग के लिए गंगा का जलस्तर होना चाहिए 137 मीटर
शनिवार को देहरादून से आई एक तकनीकी टीम ने गंगा नदी में रैकी की। रैकी टीम ने नदी का जलस्तर एक मीटर बढ़ा हुआ बताया। कहा रीवर राफ्टिंग करने के लिए गंगा का जलस्तर 137 मीटर होना चाहिए। जबकि इस समय नदी का जलस्तर 138 मीटर है। जो एक मीटर बढ़ा हुआ है।
बीते दिनों नदी का जलस्तर सामान्य हो गया था। लेकिन जैसे ही पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश हो रही है। उससे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। रैकी टीम ने अब जलस्तर सामान्य बताया है। टिहरी प्रशासन की ओर से इसे हरी झंडी मिल गई है।
राफ्टिंग का संचालन करीब 20 दिन देर से शुरू
कोरोनाकाल से पहले वर्ष भर में केवल दो महीने जुलाई और अगस्त में राफ्टिंग का संचालन बंद होता था। 1 सितंबर से लेकर 30 जून तक राफ्टिंग संचालित होती थी। लेकिन इस बार कोरोनाकाल और गंगा के जलस्तर के कारण राफ्टिंग का संचालन करीब 20 दिन देर से शुरू हो रहा है।
इन स्थानों से होगी राफ्टिंग की शुरूआत
- कौडियाला से रामझूला, नीमबीच -35 किमी
- कौडियाला से शिवपुरी -20 किमी
- मरीन ड्राइव से शिवपुरी-10 किमी
- मरीन ड्राइव से रामझूला, नीमबीच - 25 किमी
- शिवपुरी से रामझूला, नीमबीच- 15 किमी
- ब्रह्मपुरी से रामझूला, नीमबीच - 9 किमी
- क्लब हाउस से रामझूूला, नीमबीच- 9 किमी