फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Pushpanjali Infratech fraud: No relief to buyers High Court rejects petition Dehradun news in hindi

देहरादून न्यूज: पुष्पांजलि इंफ्राटेक के खरीदारों को हाईकोर्ट से भी लगा झटका, पढ़ें क्या है पूरा मामला

Mon, 25 Sep 2023 02:49 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 25 Sep 2023 02:49 PM IST
सार

खरीदार सेक्शन-8 का प्रयोग कर पुष्पांजलि के प्रोजेक्ट को अन्य किसी बिल्डर को सौंपने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज को खारिज कर दी। 

विज्ञापन
Pushpanjali Infratech fraud: No relief to buyers High Court rejects petition Dehradun news in hindi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुष्पांजलि इंफ्राटेक प्रा.लि. की धोखाधड़ी के शिकार 90 खरीदारों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। पिछले पांच सालों से इंसाफ के लिए लड़ रहे आर्किड पार्क और एमिनेंट हाइट्स के फ्लैट खरीदारों को रेरा से कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट से भी याचिका खारिज होने के बाद खरीदार मायूस हैं।

विज्ञापन

खरीदारों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि सेक्शन-8 का प्रयोग कर नोएडा के आम्रपाली प्रोजेक्ट की तरह पुष्पांजलि इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट को किसी अन्य बिल्डर को सौंपा जाए। वहीं ईडी की ओर से अटैच किए गए बिल्डर्स के प्रोजेक्ट को मुक्त किया जाए, ताकि रेरा कोई कदम उठा सके। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर कहा, यह प्रकरण रेरा के कार्यक्षेत्र का है।

विज्ञापन


रेरा के पास इससे संंबंधित सभी अधिकार हैं। खरीदारों की ओर से कविता भाटिया ने कहा कि उन लोगों को इंसाफ मिलता नहीं दिख रहा है। रेरा सुनने को तैयार नहीं है। हाईकोर्ट ने साफ कह दिया है कि यह मामला रेरा के कार्यक्षेत्र का है, इसके बाद भी रेरा से कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि खरीदारों की मांग है कि प्रोजेक्ट को सेक्शन 8 के तहत किसी अन्य बिल्डर को सौंप दिया जाए, ताकि उसका निर्माण पूरा कराया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

21 करोड़ का बकाया होने पर ईडी ने अटैच की प्रॉपर्टी

पुष्पांजलि इंफ्राटेक की संबंधित प्रापर्टी पर पीएनबी के लोन का 21 करोड़ का बकाया है। इस कारण इस प्रॉपर्टी को ईडी ने अटैच किया है। रेरा का तर्क है कि जो प्रापर्टी ईडी में अटैच होती है उस पर सेक्शन-8 का प्रयोग नहीं किया जा सकता। रेरा ने ईडी को समन भेजकर खरीदारों के हितों का संरक्षण करने का प्रयास भी किया, लेकिन उसमें कोई खास सफलता नहीं मिली।

वहीं कविता भाटिया ने कहा कि संपत्ति ईडी में अटैच होने के कारण रेरा उस पर कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। इसलिए अटैचमेंट को हटाया जाए। पुष्पांजलि की आर्किड पार्क और अन्य परियोजना में खरीदारों ने जीवन भर की पूंजी लगा दी है। इसके बाद भी उन्हें फ्लैट नहीं मिला। करीब 90 लोग अपना सब कुछ गंवा चुके हैं। पुलिस में नौ मुकदमे और रेरा में 61 शिकायतें भी उन्हें इंसाफ नहीं दिला पा रही हैं।

ये भी पढ़ें...उत्तराखंड:  प्रस्ताव तैयार करने में लग गए डेढ़ साल, भर्ती का पता नहीं, नवोदय स्कूलों में रखें जाने हैं शिक्षक

अभी तक उन्हें हाईकोर्ट का कोई आदेश नहीं मिला है। ईडी ने मनी लाॅड्रिंग के आरोपों की जांच करने के लिए बिल्डर की संपत्ति को अटैच किया है। ईडी मामले की जांच कर रही है और इस कारण सेक्शन-8 का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। - मठपाल सिंह, सदस्य रेरा

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed