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आईएमपी कंपनी पर मेहरबान 'पिटकुल'
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 04 Apr 2017 12:17 PM IST
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- फोटो : demo
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पिटकुल पहले भी आईएमपी कंपनी पर मेहरबान रहा है। नियमों को दरकिनार कर पिटकुल ने इस कंपनी से ट्रांसफार्मर खरीदने में खूब दरियादिली दिखाई है। इस पर दूसरी फर्म ने 49 लाख रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति का दावा किया है। कैट की ऑडिट रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हुआ है।
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दरअसल, वर्ष 2013 में पिटकुल ने 20 एमवीए के तीन, 40 एमवीए का एक, 80 एमवीए का एक और 160 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर खरीदने की जरूरत बताई। इसके लिए पहले चरण की निविदा (टेक्निकल कामर्शियल) खुलने पर आईएमपी पावर समेत तीन फर्म तकनीकी रूप से क्वालीफाई रही। इस बीच, सितंबर 2013 में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने इन ट्रांसफार्मरों की जरूरत पर असहमति जताई।
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आयोग ने निर्देश दिए कि ऐसी क्षमता के ट्रांसफार्मर खरीदे जाएं, जिससे विद्युत लास कम हो और लोड भी सही चलता रहे। पिटकुल अधिकारियों ने आयोग में तर्क दिया कि इन ट्रांसफार्मरों को खरीदना बहुत जरूरी है। इस तरह से पिटकुल ने 13 जनवरी 2014 को प्राइस बिड भी खोल दी। एक फर्म ने सबसे कम रेट पर 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर की आपूर्ति करने पर सहमति दी। जबकि आईएमपी का 40 एमवीए और 80 एमवीए के लिए सबसे कम रेट रहा। पिटकुल ने दोनों फर्म को आफर लेटर दे दिया।
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पहली फर्म को 160 एमवीए ट्रांसफार्मर आपूर्ति के लिए 25 मार्च 2014 को लैटर आफ एंडेंट (एलओए) जारी हुआ। जिसमें यह शर्त थी कि फर्म को 30 दिन के भीतर अपनी बैंक गारंटी देकर एग्रीमेंट साइन करना होगा। इस बीच यह फर्म बैंक गारंटी के परफार्मा को लेकर पिटकुल को रिक्वेस्ट भेजती रही, लेकिन फर्म को सिर्फ नोटिस ही मिलते रहे। पिटकुल ने 22 मई 2014 को आईएमपी को पहली वाली फर्म के रेट पर 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर सप्लाई करने को कह दिया।
आडिट में यह पाया गया कि पहली वाली फर्म का एलओए कैंसिल करने से पहले ही आईएमपी को सप्लाई का आर्डर दे दिया गया। पहली फर्म ने इसे अवैधानिक निरस्तीकरण बताते हुए पिटकुल से 58.20 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि 14 प्रतिशत ब्याज के साथ रिफंड करने की मांग की। साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में 49 लाख रुपये से अधिक की राशि का दावा भी किया है। कैग ने माना है कि इस पूरी प्रक्रिया में पिटकुल की तरफ से घोर लापरवाही बरती गई है। उधर, पिटकुल के एमडी एसएन वर्मा ने बताया कि यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है।