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पुलवामा हमला: आत्मघाती हमले से आक्रोशित सेना के पूर्व अधिकारी, पीएम से की ये बड़ी मांग

Sat, 16 Feb 2019 07:39 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 16 Feb 2019 07:39 AM IST
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pulwama jammu kashmir attack uttarakhand jawan martyr ex army officer demand
pulwama attack jammu - फोटो : अमर उजाला

मोदी जी, भाषण नहीं अब दुश्मनों को सबक सिखाने की जरूरत है। जम्मू-श्रीनगर मार्ग पर पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले से पूर्व सैन्य अधिकारी भी आक्रोशित हैं। सभी अब आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ सरकार का एक्शन जानने का आतुर है। 

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सेना के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि सेना को अब तमाम प्रतिबंधों से फ्री करने की जरूरत है, ताकि पाक को करारा जवाब दिया जा सके। पुलवामा के आत्मघाती हमले की खबर से हर कोई विचलित है। लेफ्टिनेंट जनरल जीएस नेगी(सेनि.) का कहना है कि सीआरपीएफ के काफिले पर कायराना तरीके से हमला किया गया है।
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सरकार को अब कठोर निर्णय लेना होगा, क्याेंकि अब चेतावनी का समय पूरा हो गया है। सीमा पर तैनात जवानों को दुश्मनों को अपने तरीके से निपटने की छूट देने की जरूरत है। मानवाधिकार आदि के नाम पर जवानों के हाथ-पैर बांधे गए है।

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बड़े पैमाने पर आतंकियाें का सफाया हुआ

राजनीतिज्ञों को अब सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर एक साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगी। निश्चित रूप से एक-दो दिन में सेना पाकिस्तान को जरूर जवाब देगी। कर्नल पीएल पाराशर(सेनि.) का कहना है कि पाकिस्तानी समर्थित आतंकवादियाें ने यह ठीक नहीं किया है। सेना चुप नहीं बैठेगी। आत्मघाती हमले का पाकिस्तानी को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सीमा पर पिछले समय में बड़े पैमाने पर आतंकियाें का सफाया हुआ है। इसी बौखलाहट में यह खौफनाक हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को निश्चित तौर पर इस हमले के बाद आक्रामक रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को जवाब देना ही चाहिए। 

सूबेदार मेजर टीएस रावत(सेनि.) का कहना है कि अब पाक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। आतंकियों के सफाए के साथ उन्हें शह देने वालों के खिलाफ देशद्रोह के तहत कार्रवाई की जाए। सरकार को अब सेना को फ्री हैंड कर देना चाहिए, क्याेंकि भारतीय सैनिक पाकिस्तान को करारा जवाब देने का हौसला रखते है। 

...तो हम फिर उठाएंगे हथियार

सूबेदार राम सिंह राणा(सेनि.) इस हमले के बाद से बेहद गुस्से में हैं। उन्होंने कहा कि अब पीएम मोदी को सबक सिखाना ही चाहिए। कहा कि, इस समस्या को जड़ से उखाड़ने में अगर युद्ध भी करना पड़े तो हम पीछे नहीं हटेंगे। हम फिर हथियार उठाएंगे और मुंहतोड़ जवाब देंगे। कैप्टन डीएस राणा(सेनि.) इस हमले से आक्रोशित हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक हम माफी देते रहेंगे। अब छोटी नहीं बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत है। देश की रक्षा के लिए वह फिर हथियार उठाने के लिए तैयार हैं।

फड़क रही युवाओं की भुजाएं, मुंहतोड़ जवाब की मांग
युवा विनोद बिष्ट का कहना है कि हमने जवाब तो दिया है लेकिन पाकिस्तान को पूरी खुराक नहीं मिल पाई है। इसी का नतीजा है कि आज फिर पाकिस्तान ने कायराना हरकत की है। विनोद ने सरकार से मांग की है कि मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। विधि की छात्रा अपेक्षा जोशी का कहना है कि सरकार के लिए यही सबसे अच्छा वक्त है, एक-एक शहीद की शहादत का बदला लेना ही होगा। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द पाकिस्तान को इसका जवाब दें।

विरोध में आज अधिवक्ता हड़ताल पर

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के विरोध और जवानों की शहादत पर देहरादून बार एसोसिएशन में शुक्रवार को हड़ताल रहेगी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल और सचिव अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि दोपहर 1:30 बजे विधि भवन में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस दौरान सभी न्यायालयों, कार्यालयों से लेकर टाइपिंग तक का काम बंद रहेगा।

रात तक अपनों का कुशलक्षेम पूछते रहे लोग
पुलवामा में हुए आतंकी हमले में बड़ी संख्या में शहीद होने की खबर मिलते ही उत्तराखंड में भी काफी बेचैनी नजर आई। रात तक लोग एक-दूसरे को फोन कर अपनों और रिश्तेदारों की कुशलक्षेम पूछते रहे। वैसे तो उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग सेना में सेवाएं दे रहे हैं लेकिन सीआरपीएफ में सेवाएं देने वालों की संख्या भी कम नहीं है।

कश्मीर को पूर्णरूप से करें सेना के हवाले

गौरव सेनानी एसोसिएशन ने जम्मू कश्मीर में हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पूर्व सिपाही गौरव जोशी ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कश्मीर को पूर्ण रूप से सेना के हवाले कर देना चाहिए। तब तक सर्जिकल स्ट्राइक होनी चाहिए, जब तक पाकिस्तान कराह न उठे। सेना मानवाधिकार का पालन करती है और आम कश्मीरी ही आतंकवादी हमले को अंजाम देने में मदद करते हैं। अब हमें राजनीति बंद करके एकजुटता के साथ शहादत का बदला लेना होगा।

आतंकी हमले का दिया जाएगा करारा जवाब : मुख्यमंत्री
पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस हमले में शहीद हुए जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी और इसका करारा जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलवामा में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ  काफिले पर कायराना हमला किया है, जिसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। पूरा देश इन शहीदों की शहादत के प्रति नतमस्तक है और सेना और अर्द्धसैन्य बलों व पुलिस के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि इस समय सेना, अर्द्धसैनिक बलों व पुलिस द्वारा आपरेशन आल आउट चलाया जा रहा है। इसमें आतंकियों को लगातार खत्म किया जा रहा है। इससे पाकिस्तान व उसके संरक्षण में आतंकवादी गतिविधियों में संलग्न आतंकवादियों में भारी बौखलाहट है। यह हमला उस बौखलाहट का प्रमाण भी है। लेकिन आतंकवाद के खिलाफ  हमारी लड़ाई जारी रहेगी और धीरे-धीरे दम तोड़ रहे आतंकवाद को उसके अंजाम तक पहुंचाने में हम सफल होंगे। उन्होंने कहा कि आज जो घटना हुई है हमारे सैन्यबल उसका ऐसा उत्तर देंगे जो आतंकियों व उनके आकाओं के लिए बड़ा सबक होगा।

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