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पुलिस की मनमानी से जाम में फंसी जान
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 24 Jan 2017 10:21 AM IST
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traffic jam
- फोटो : amar ujala
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प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान पुलिस-प्रशासन की बदइंतजामी ने देहरादून को जाम कर दिया। जुलूस निकालने को बिना प्लान के कई मार्गों का यातायात डायवर्ट कर दिया गया।
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दून अस्पताल और महिला अस्पताल के रास्तों पर भी अवरोध खड़े कर दिए। नतीजा लंबे जाम में मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी फंस गई। मरीज चिल्लाते रहे, लेकिन पुलिस उनकी सुनने को तैयार नहीं हुई। यह स्थिति तब है जब चुनाव आयोग ने साफ तौर से कहा था कि अस्पताल वाले मार्ग पर जुलूस और शक्ति प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए।
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कलक्ट्रेट परिसर में सोमवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासन ने निर्वाचन कार्यालय की ओर जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया। अग्रसेन चौक, द्रोण चौक, तहसील चौक, दर्शन लाल चौक, एमकेपी चौक, एमआईटी चौक से निर्वाचन कार्यालय की तरफ यातायात रोक दिया गया।
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इससे आम लोगों के साथ ही राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और दून महिला अस्पताल जाने वाले मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल जाने वाले मरीजों को पुलिसकर्मी गोल-गोल घुमाते रहे। कई घंटे जाम में जूझने के बाद भी मरीज और उनके तीमारदार अस्पताल नहीं पहुंच सके।
दोपहर करीब सवा बारह बजे अग्रसेन चौक की तरफ से एक एंबुलेंस मरीज लेकर आई। द्रोण चौक से जैसे ही एंबुलेंस अस्पताल की तरफ मुड़ने लगी, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रास्ता बंद होने की बात कहते हुए तहसील चौक से जाने को कहा। एंबुलेंस चालक जब वहां पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने नामांकन जुलूस के कारण रास्ता बंद होने की बात कही और दर्शन लाल चौक की तरफ से जाने को कहा।
एंबुलेंस चालक जैसे ही दर्शन लाल चौक पहुंचा, एक प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जुलूस के साथ पहुंचे। चालक के सायरन बजाने के बाद भी रास्ता नहीं मिला। एंबुलेंस के साथ चल रहे लोगों ने मौके पर ड्यूटी दे रहे शहर कोतवाल धीरेंद्र सिंह रावत से शिकायत की, लेकिन उन्होंने खुद को असहाय बताते हुए हाथ खड़े कर दिए।