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18 मई को देहरादून में गरजेंगे 15 हजार कर्मचारी, प्रत्येक जिला मुख्यालय देंगे धरना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 12 May 2018 09:04 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
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विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारी 18 मई को राजधानी में गरजेंगे। कर्मचारी नेताओं का दावा है कि दून में 15 हजार से अधिक कर्मचारी धरना देंगे। वहीं, हर जिला मुख्यालय पर पांच-पांच हजार कर्मचारी धरने पर बैठेंगे।
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शनिवार को उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय हुई। अध्यक्षता करते हुए मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि पहली बार प्रदेश में कर्मचारी इतने बड़े स्तर पर अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए हैं। 18 मई को होने वाले प्रदेशव्यापी आंदोलन को 10 लाख से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी 18 मई का अवकाश लेकर धरने में शामिल होंगे।
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संयोजक सचिव रवि पचौरी ने कहा कि कर्मचारी मांग पूरी होने तक चुप नहीं बैठेंगे। सरकार लंबे समय से कर्मचारियों को टरका रही है लेकिन अब वह आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। बैठक में रामचंद्र रतूड़ी, अरुण पांडेय, प्रदीप कोहली, ओमवीर चौधरी, इस्मामुल हक, संतोष रावत, गजेंद्र कपिल, सूर्यप्रकाश रणाकोटी, रमेश नेगी, ललित शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
मोर्चा ने सेवा काल में प्रत्येक कर्मचारी को तीन पदोन्नति का लाभ, एसीपी का लाभ, सातवें वेतनमान के समस्त भत्तों का लाभ, सार्वजनिक निगमों व उपक्रमों के कर्मचारियों को एरियर का लाभ, वेतन विसंगति का समाधान, उपनल व आउटसोर्स कर्मियों को नियमित करने और समान कार्य के लिए समान वेतन वेतन का लाभ, सभी कर्मचारियों को यू हेल्थ कार्ड योजना का लाभ देने की मांग की। साथ ही कार्मिकों को वाहन भत्ते का लाभ, वेतन समिति की पुर्नगठन रिपोर्ट को अस्वीकार करने, जिला पंचायत कार्मिकों को राजकीय कर्मचारी घोषित करने, वाहन चालकों की स्टाफिंग पैर्टन व्यवस्था को पूर्ववत रखने और स्थानांतरण एक्ट में 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को छूट देने की भी मांग की।