{"_id":"5d44859f8ebc3e6ced3746a1","slug":"productivity-of-plants-will-increase-dr-yusuf-dehradun-news-drn3149611171","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ानी होगी वनस्पतियाें की उत्पादकता : डॉ. यूसुफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ानी होगी वनस्पतियाें की उत्पादकता : डॉ. यूसुफ
विज्ञापन
देहरादून। भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के आनुवांशिकी एवं वृक्ष सुधार प्रभाग वन अनुसंधान संस्थान की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित सेमिनार में वनस्पतियाें की उत्पादकता बढ़ाने पर मंथन किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने आनुवांशिक रूप से उन्नत रोपण स्टॉक को विकसित करने के लिए उपलब्ध तकनीक साझा की और वनस्पतियाें की उत्पादकता संबंधी शोध प्रस्तुत किए। सेमिनार में विभिन्न संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों और वन विभाग समेत कुल 73 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि व वन अनुसंधान संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. मोहम्मद यूसुफ ने वृक्षारोपण वानिकी के वृक्ष सुधार योजना और उत्पादकता बढ़ाने में संस्थान के योगदान की जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने आनुवंशिकी एवं वृक्ष सुधार प्रभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. अशोक कुमार ने मेलिया, नीम, यूकेलिप्ट्स, पोलिगोनेतम और वन संरक्षण पर हुए शोधों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. निकोडमस ने वृक्ष सुधार एवं संकर बीजों से होने वाली चुनौतियों पर जानकारी दी। हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक जगदीश चंद्र ने वन प्रबंधन और रोपण सामग्री के सुधार में आनुवंशिकीविद् और प्रजनकों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। सेमिनार में डॉ. योगेंद्र सिंह, डॉ. रवि प्रकाश ने वन वृक्षों की प्रजातियों के क्लोन और किस्मों की पंजीकरण और सुरक्षा में पीपीवी और एफफआरए की भूमिका पर चर्चा की। हिमालयन फारेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक राजेश शर्मा ने हिमालयी क्षेत्रों के कोनिफर पेड़ों के संरक्षण की जानकारी दी।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि व वन अनुसंधान संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. मोहम्मद यूसुफ ने वृक्षारोपण वानिकी के वृक्ष सुधार योजना और उत्पादकता बढ़ाने में संस्थान के योगदान की जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने आनुवंशिकी एवं वृक्ष सुधार प्रभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. अशोक कुमार ने मेलिया, नीम, यूकेलिप्ट्स, पोलिगोनेतम और वन संरक्षण पर हुए शोधों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. निकोडमस ने वृक्ष सुधार एवं संकर बीजों से होने वाली चुनौतियों पर जानकारी दी। हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक जगदीश चंद्र ने वन प्रबंधन और रोपण सामग्री के सुधार में आनुवंशिकीविद् और प्रजनकों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। सेमिनार में डॉ. योगेंद्र सिंह, डॉ. रवि प्रकाश ने वन वृक्षों की प्रजातियों के क्लोन और किस्मों की पंजीकरण और सुरक्षा में पीपीवी और एफफआरए की भूमिका पर चर्चा की। हिमालयन फारेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक राजेश शर्मा ने हिमालयी क्षेत्रों के कोनिफर पेड़ों के संरक्षण की जानकारी दी।
विज्ञापन