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अनुभव प्रमाण पत्र न देने की मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की शिकायत
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देहरादून। भाजयुमो ने निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य निजी अस्पताल प्रबंधनों की ओर से अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाणपत्र न देने की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनूप डिमरी से शिकायत की है। सीएमओ ने मामले में जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भाजयुमो के पूर्व महानगर महामंत्री राजेश रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने चंदरनगर स्थित उनके कार्यालय में सीएमओ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार बेरोजगार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देने की अपनी घोषणा पर लगातार अमल कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स और अन्य पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति निकाली है। इसके लिए पूर्व में किसी अस्पताल में कार्य करने का अनुभव भी मांगा गया था, लेकिन कई अस्पताल प्रबंधनों की ओर से तमाम अभ्यर्थियों को कार्य करने के बावजूद अनुभव प्रमाण पत्र देने में आनाकानी की जा रही है। सरकारी नौकरियों के अलावा प्रशिक्षित युवक-युवतियों को दूसरे राज्यों में भी आवेदन करना होता है। जिसके लिए वहां से भी अनुभव प्रमाण पत्र मांगा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पटेलनगर और हिमालयन मेडिकल अस्पताल जौलीग्रांट समेत कई निजी अस्पताल प्रबंधनों की ओर से अनुभव प्रमाण पत्र देने में आनाकानी की रही है। इससे राज्य सरकार की छवि धूमिल हो रही है। इस पर सीएमओ ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सीएमओ से मिलने वालों में राजेश रावत, सचिन कुमार, हरीश कुमार, विवेक डंगवाल, गौरव कनौजिया, शुभम कुमार, दीनदयाल पांडे, विजेंद्र पाल, पवन गौड़, करण नयाल आदि शामिल रहे।
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भाजयुमो के पूर्व महानगर महामंत्री राजेश रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने चंदरनगर स्थित उनके कार्यालय में सीएमओ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार बेरोजगार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देने की अपनी घोषणा पर लगातार अमल कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स और अन्य पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति निकाली है। इसके लिए पूर्व में किसी अस्पताल में कार्य करने का अनुभव भी मांगा गया था, लेकिन कई अस्पताल प्रबंधनों की ओर से तमाम अभ्यर्थियों को कार्य करने के बावजूद अनुभव प्रमाण पत्र देने में आनाकानी की जा रही है। सरकारी नौकरियों के अलावा प्रशिक्षित युवक-युवतियों को दूसरे राज्यों में भी आवेदन करना होता है। जिसके लिए वहां से भी अनुभव प्रमाण पत्र मांगा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पटेलनगर और हिमालयन मेडिकल अस्पताल जौलीग्रांट समेत कई निजी अस्पताल प्रबंधनों की ओर से अनुभव प्रमाण पत्र देने में आनाकानी की रही है। इससे राज्य सरकार की छवि धूमिल हो रही है। इस पर सीएमओ ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सीएमओ से मिलने वालों में राजेश रावत, सचिन कुमार, हरीश कुमार, विवेक डंगवाल, गौरव कनौजिया, शुभम कुमार, दीनदयाल पांडे, विजेंद्र पाल, पवन गौड़, करण नयाल आदि शामिल रहे।
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