उत्तराखंड में फिर रावत सरकार, केंद्र ने हटाया राष्ट्रपति शासन
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश रावत की वापसी का रास्ता साफ
- गृह मंत्रालय ने की देर शाम राष्ट्रपति शासन हटाए जाने की पुष्टि
- कोर्ट ने कहा, मतदान में नहीं हुई कोई अनियमितता, रावत को मिला बहुमत
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उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के छह सप्ताह बाद कांग्रेस नेता हरीश रावत की राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वापसी का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्य विधानसभा में मंगलवार को करवाए गए फ्लोर टेस्ट पर अपनी मुहर लगा दी। शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा कि फ्लोर टेस्ट में रावत को कुल 61 में से 33 वोट मिले। वोटिंग में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। नौ विधायक अयोग्य ठहराए जाने की वजह से वोट नहीं डाल पाए।
इसके साथ ही न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की पीठ ने राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाने का निर्देश दिया जिससे कि 68 वर्षीय रावत पद संभाल सकें।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश कर दी। संसद भवन में दोपहर 12.45 बजे कैबिनेट की संक्षिप्त बैठक में राष्ट्रपति से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश करने का फैसला किया गया। इसके बाद देर शाम गृह मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की कि राज्य से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है।
मामला अभी खत्म नहीं, हाईकोर्ट के फैसले पर याचिका जीवित
पीठ ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया कि केंद्र सरकार राज्य में लगे राष्ट्रपति शासन को हटाने के लिए तैयार है। इस पर पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति शासन खत्म होने के बाद रावत मुख्यमंत्री का पद संभाल सकते हैं। रावत की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने राष्ट्रपति शासन हटाने के केंद्र सरकार के निर्णय की सराहना की।
हालांकि पीठ ने यह साफ किया कि रावत सरकार को पुन:स्थापित करने से ही मामला अभी खत्म नहीं होगा। पीठ ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा राष्ट्रपति शासन को निरस्त करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका अब भी जीवित है और कानून और संविधान के तहत इसका निपटारा किया जाएगा।
पीठ ने यह भी कहा कि नौ बागी विधायकों की अयोग्यता के मसले पर भी परीक्षण होना बाकी है। हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली इन बागियों की याचिका पर जुलाई में सुनवाई होगी। उधर, देहरादून में रावत के फ्लोर टेस्ट में जीतने की खबर पहुंचने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्सव मनाया।
रावत ने कहा, अंत भला तो सब भला
फ्लोर टेस्ट में जीत की सूचना मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने न्यायपालिका, सहयोगी दलों, केंद्र सरकार, बसपा सुप्रीमो मायावती समेत सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि किसी से कोई गिला-शिकवा नहीं है। उन्होंने अपील की कि दो महीने के सियासी संकट में प्रदेश का बड़ा नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘पुरानी बातें भूलकर, आओ नए क्षितिज की ओर बढ़ें।’ यह भी कहा कि वह जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी मिलेंगे और प्रदेश की जरूरतें पूरा करने की मांग करेंगे। केंद्र सरकार इनका समाधान जरूर निकालेगी।
राहुल ने दी पीएम मोदी को नसीहत
उत्तराखंड नें राष्ट्रपति शासन हटाने और राज्य सरकार को बहाल करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकतंत्र की जीत बताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नसीहत भी दी। राहुल ने उम्मीद जताई है कि इस घटना से प्रधानमंत्री आगे के लिए सबक लेंगे। राहुल ने कहा, ‘उत्तराखंड के मामले में वह जितना बुरा कर सकते थे, उन्होंने किया। हम जितना अच्छा कर सकते थे, हमने किया और अंत में लोकतंत्र की जीत हुई है।’