देश के 45 युवा बने IFS अफसर, राष्ट्रपति बोले जंगल बचाने को लेने होंगे कड़े फैसले
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) के दीक्षांत समारोह में नए आईएफएस अफसरों को जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर जंगलों को बचाने के लिए कड़े फैसले लेने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि देश की पर्यावरणीय नींव पर दीर्घकालिक असर डालने वाले कड़े फैसले लेने में सक्षम होना होगा। समारोह में देश को भारतीय वन सेवा के 45 नए अफसर मिले। भूटान के दो युवा वनाधिकारी भी अकादमी से पासआउट हुए।
शुक्रवार को वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राज्यपाल डॉ. केके पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अनिल माधव दवे शामिल हुए।
समारोह में भारतीय वन सेवा के 45 और भूटान के दो अधिकारी पासआउट होकर विभिन्न प्रांतों में आवंटित अपने कैडर में वन अधिकारी बन गए। विभिन्न पुरस्कारों के विजेताओं को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया।
समारोह में सबसे पहले आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. शशि कुमार ने रिपोर्ट पढ़कर सुनाई। इसके बाद राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 1987 से 2017 तक 30 साल के अंतराल में देश का फॉरेस्ट कवर 64.2 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 79.4 मिलियन हेक्टेयर पहुंचना एक अच्छा संदेश है।
इनको मिले पुरस्कार
लेकिन हम सबको मिलकर इसे अभी और बढ़ाने के लिए काम करना होगा। उन्होंने जंगलों की हिफाजत की जिम्मेदारी संभालने जा रहे नए वन अधिकारियों से आह्वान किया कि वे जैव विविधता, मानव वन्य जीव संघर्ष और जलवायु परिवर्तन को प्राथमिकता में रखकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने युवा अधिकारियों को सलाह दी कि गरीबी उन्मूलन से वह वनों के सामने उत्पन्न खतरों को अवसर में बदलने का माध्यम बन सकते हैं। राष्ट्रपति ने सूखते जलाशयों और जलस्रोेतों की स्थिति पर चिंता जताई। इस मौके पर भारी संख्या में वन अधिकारी, रिटायर्ड वन अधिकारी और नए अधिकारियों के अभिभावक भी मौजूद रहे।
करीब 12 मिनट पहले पहुंचे राष्ट्रपति
समारोह में राष्ट्रपति के पहुंचने का समय 12:30 बजे का था। लेकिन वह करीब 12 मिनट पहले ही पहुंच गए। लिहाजा तुरंत दीक्षांत समारोह शुरू कर दिया गया। हालांकि, राष्ट्रपति ने समारोह से प्रस्थान तय समय पर ही किया।
दो सांसद भी रहे मौजूद
दीक्षांत समारोह में टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह के अलावा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र एवं सांसद अभिजीत मुखर्जी भी मौजूद रहे।
इनको मिले पुरस्कार
ऑल राउंड आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस-पुनीत गोयल-मध्य प्रदेश
बेस्ट ऑल राउंड फॉरेस्टर-हेमोझी वी-तमिलनाडु
कोर फॉरेस्ट्री सब्जेक्ट टॉपर-नवीन गर्ग-मध्य प्रदेश
पी श्रीनिवास मेमोरियल प्राइज-पुनीत गोयल-मध्य प्रदेश
संजय सिंह मेमोरियल प्राइज-नवीन गर्ग-मध्य प्रदेश
पुनीत रहे आईएफएस टॉपर
पुनीत गोयल (मध्य प्रदेश कैडर) : केपी साग्रेया श्रेष्ठ वनिक पुरस्कार, डॉ. बीएन गांगुली अवॉर्ड।
शेख फरीदी (वेस्ट बंगाल कैडर) : नीलगिरी वाइल्ड लाइफ क्लब प्राइज, स्पिरिट ऑफ 1982।
उग्येन शेरिंग 2 (भूटान) : वीएस राव प्राइज।
नवीन गर्ग (मध्य प्रदेश कैडर) : आरएन माथुर मेमोरियल प्राइज, केएम तिवारी मेमोरियल प्राइज।
मिरास प्रदीप देविदास (उड़ीसा कैडर) : ईपी जी वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्राइज।
अमित चौहान (पंजाब कैडर) : सुलोचना नायडू मेमोरियल प्राइज।