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अनुबंधित मैक्सी कैब वाहनों को रोडवेज से हटाने की तैयारी!
कीर्तिराज रुमाल/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 03 May 2017 04:27 PM IST
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- फोटो : file photo
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करीब डेढ़ साल पहले यात्रियों की सुविधा के लिए अनुबंधित मैक्सी कैब वाहन उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए घाटे का सौदा साबित हुए हैं। परिवहन निगम ने मैक्सी कैब वाहनों का अनुबंध बंद करने के साथ ही देहरादून परिक्षेत्र से मैक्सी कैब वाहन हटा दिए हैं। काशीपुर डिपो में भी दो मैक्सी कैब कम किए गए हैं।
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परिवहन निगम ने देहरादून, नैनीताल और टनकपुर रीजन में निजी जीप, बोलरो और मैक्स आदि गाड़ियों का मैक्सी कैब के रूप में अनुबंध किया था। कुप्रबंधन के चलते मैक्सी कैब वाहन रोडवेज के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित नहीं हो रहे। रोडवेज प्रबंधन ने मुख्यालय स्तर से नये मैक्सी कैब वाहनों के अनुबंध बंद कर दिए हैं। साथ ही देहरादून रीजन में अनुबंधित मैक्सी कैब वाहनों को हटा दिया है।
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इसके साथ ही काशीपुर डिपो में लगी चार मैक्सी कैब में से दो कम को कर दिया गया है। वर्तमान में टनकपुर रीजन में 15 और नैनीताल रीजन के रामनगर डिपो में 11 और काशीपुर व हल्द्वानी डिपो में 2-2 मैक्सी वाहन हैं। महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि मैक्सी कैब के संचालन से रोडवेज को आर्थिक फायदा नहीं हो रहा। इसे देखते हुए अब मैक्सी कैब वाहनों का अनुबंध नहीं किया जा रहा।
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रोडवेज को हो रहा था नुकसान
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने कहा कि मैक्सी कैब वाहनों ने रोडवेज के आंसू निकाल दिए हैं। प्रबंधन इन वाहनों को पहाड़ी रूट पर साढ़े पांच रुपये और मैदान में साढ़े चार रुपये की दर से भुगतान करने के साथ ही डीजल भी दे रहा है। वाहनों में मालिकों के अपने चालक हैं। चालक को वेबिल देने के बाद प्रबंधन का नियंत्रण चालकों पर नहीं रह पाता, इस कारण रोडवेज को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।