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तालमेल की कमी ने खड़ी की अड़चन, नहीं हो रहा सब स्टेशन का लोकार्पण
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:55 AM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के श्रीनगर में 400 केवी का सब स्टेशन तो शुरू हो गया, लेकिन अलकनंदा हाइड्रो प्रोजेक्ट से उत्तराखंड को अब भी सीधे बिजली मिलने में अड़चनें आ रही हैं।
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उत्तराखंड और प्रोजेक्ट प्रबंधन में आपसी तालमेल की कमी इसकी वजह बताई जा रही है। श्रीनगर के समीप खंदूखाल में बने पिटकुल के 400 किलोवाट के विद्युत सब स्टेशन का सोमवार को सीएम ने माजरा (देहरादून) स्थित पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (पिटकुल) मुख्यालय से लोकार्पण किया था।
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इससे अब जीवीके अलकनंदा हाइड्रो प्रोजेक्ट श्रीनगर से उत्तराखंड के हिस्से की 12 प्रतिशत बिजली मुजफ्फरनगर ग्रिड के बजाय सीधे इस सब स्टेशन से मिलनी थी। सब स्टेशन को चालू तो कर दिया गया, लेकिन बुधवार तक हाइड्रो प्रोजेक्ट से श्रीनगर विद्युत सब स्टेशन को सप्लाई होने वाली बिजली कई बार बाधित होती रही। इससे विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए सब स्टेशन पर बार-बार लाइन बदलनी पड़ रही है।
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पिटकुल सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर सब स्टेशन को बिजली देने में जीवीके अलकनंदा प्रोजेक्ट प्रबंधन शुरुआत से ही सहयोग नहीं कर रहा है। पिटकुल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट से बिजली मिलने में अभी कुछ दिक्कत आ रही है। जिसे शीघ्र ही ठीक कर लिया जाएगा।
इस संबंध में जीवीके प्रोजेक्ट प्रबंधन के कॉर्डिनेटर संतोष रेड्डी का कहना है कि जिस दिन से प्लांट से बिजली पैदा होनी शुरू हुई उत्तराखंड के हिस्से की बिजली मुजफ्फरनगर ग्रिड से दी जा रही है। श्रीनगर सब स्टेशन से सीधे बिजली देने में अभी कुछ दिक्कत आ रही है। जिसे सही करने के प्रयास किए जा रहे हैं।