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जर्जर मशीनों से नहीं बन रहा ‘करंट’
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 11 Aug 2014 02:02 PM IST
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उत्तराखंड में यूजेवीएनएल की परियोजनाओं में जर्जर मशीनें पूरा करंट पैदा नहीं कर पा रही हैं।
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जल विद्युत गृहों में नहीं हो पा रहा उत्पादन
बरसात में सिल्ट आने पर तो इन मशीनों की क्षमता जवाब देने लगी हैं। मशीनों को बचाने की बात कहकर यूजेवीएनएल को उत्पादन ठप कर देते हैं।
कटौती से परेशान उपभोक्ताओं की मुसीबत अब पहाड़ों में हो रही भारी बरसात ने बढ़ा दी हैं। बिजली कटौती पर अधिकारियों का एक ही जवाब मिलता है कि नदियों में सिल्ट आने की वजह से राज्य के जल विद्युत गृहों में उत्पादन नहीं हो पा रहा है।
हालत यह है कि कुछ दिन तो ऐसे होते हैं कि मांग के अनुरूप आधी मात्रा में भी इन परियोजनाओं से बिजली का उत्पादन नहीं मिल पाता। मांग की पूर्ति करने के लिए दूसरे राज्यों और सेंट्रल ग्रिड से भी अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ती है।
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ऊर्जा निगम के प्रवक्ता मधुसूदन ने कहा कि राज्य के जल विद्युत गृहों से पर्याप्त बिजली न मिलने से हिमाचल से रोजाना लगभग 75 लाख रुपये की बिजली खरीदी जा रही है। शनिवार को 90 लाख रुपये अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ी।
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सड़कों का मलबा भी बढ़ा रहा मुसीबत
यूजेवीएनएल अधिकारियों के मुताबिक, पहाड़ों में बीआरओ और पीडब्लूडी की अधिकतर सड़कें नदियों के किनारे हैं।
बरसात में सड़क पर आए बड़े-बड़े बोल्डर और क्वार्टज वाले मलबे (मशीनों को ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली सिल्ट) को दोनों एजेंसियां नदियों में डाल देते हैं। इससे आई गाद और बड़े बोल्डरों से बचाने के लिए टरबाइनें बंद करनी पड़ती हैं।
चार दिन यूं रहा उत्पादन
नौ अगस्त : मनेरी भाली: प्रथम और रामगंगा में शनिवार को टरबाइनें नहीं चल पाई।
आठ अगस्त : एक करोड़ 48 लाख 50 हजार यूनिट। जल विद्युत निगम की मनेरी भाली-द्वितीय और खटीमा परियोजनाएं ही चल पाई।
सात अगस्त : एक करोड़ 85 लाख 50 हजार यूनिट। किसी भी परियोजना से क्षमता का आधा उत्पादन भी नहीं हुआ।
छह अगस्त : एक करोड़ 83 लाख 10 यूनिट उत्पादन। कालागढ़, मनेरी भाली -प्रथम में टरबाइनें नहीं चली।
‘अधिकतर परियोजनाओं के मशीनों की आयु सीमा पूरी हो चुकी है। सिल्ट आने पर अगर मशीन बंद नहीं की जाएगी तो क्षतिग्रस्त होने से कई महीने उत्पादन नहीं हो पाएगा। मार्च से अक्तूबर तक इन मशीनों की ओवरहोलिंग की जाती है। इससे इनकी क्षमता बढ़ाई जा सके। ’
- जीपी पटेल प्रबंध निदेशक, यूजेवीएनएल