प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किया आदेश, 30 मार्च से पहले करा लें वाहनों का पॉल्यूशन चेक
- बिना प्रदूषण जांच कागजों के वाहन चलते मिले तो परिवहन अधिकारियों पर लगेगा जुर्माना
- परिवहन अधिकारी एक मार्च से शुरू करेंगे विशेष जांच अभियान, टीमें गठित
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राजधानी दून समेत राज्य के अन्य शहरों में यदि वाहन बिना प्रदूषण जांच कागजातों के मिले तो संबंधित परिवहन अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
बोर्ड की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 30 मार्च से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि राज्य की सड़कों पर दो व चार पहिया गाड़ियों के चालकों के पास प्रदूषण के वैध कागजात हैं। आरटीओ डीसी पठोई का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश का अनुपालन कराने को लेकर जल्द ही दून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की समेत अन्य सभी क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
देश में साल दर साल तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को कम करने को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से तमाम कदम उठाए गए हैं।
बिना वैध प्रदूषण कागजात के गाड़ी चलाने पर 2500 रुपये जुर्माने का प्रावधान
प्रदूषण स्तर को कम किया जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से लागू नए मोटर व्हीकल एक्ट में भी बिना वैध प्रदूषण कागजात के गाड़ी चलाने पर 2500 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आदेश जारी किया है कि यदि दो व चार पहिया वाहन बिना वैध प्रदूषण कागजातों के चलते मिलें तो संबंधित परिवहन अधिकारियों पर कार्रवाई करने के साथ ही जुर्माना लगाया जाएगा।
आरटीओ डीसी पठोई ने बताया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश का पालन कराने को लेकर एक मार्च से सघन जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए अधिकारियों की टीमें भी गठित कर दी गई हैं। अभियान के दौरान जिन वाहन चालकों के पास वैध कागजात नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।