गुमशुदा हुए घर के चिरागों को ढूंढने निकलेंगे 'फरिश्ते', इस दिन से शुरु होगा 'महाअभियान'
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गुमशुदा हो गए बच्चों को तलाशने के लिए अब बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। प्रदेश में गुमशुदा बच्चों को तलाशने को पुलिस का ऑपरेशन स्माइल एक फरवरी से शुरू होगा।
पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। डीजीपी ने कहा कि गुमशुदा बच्चाें को ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाने से बड़ा संतोष मिलता है।
पुलिस मुख्यालय में गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं पुनर्वास को लेकर मंगलवार को बैठक हुई, जिसमें ऑपरेशन स्माइल पुन: चलाने पर सहमति हुई।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बालक और बालिकाएं आर्थिक, सामाजिक और अन्य कारणों से घर से चले जाते हैं। ऑपरेशन स्माइल में राज्य के पंजीकृत बच्चों के साथ बड़ी तादाद में अपंजीकृत बच्चे बरामद होते हैं।
अभियान में भाव और व्यवहारिकता भी होनी चाहिए। इस बार भी अभियान में अधिक से अधिक बच्चों को बरामद कर उनके परिवार से मिलाया जाए। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि नेपाल के शेल्टर होम्स से भी समन्वय स्थापित कर भारतीय बच्चों का सत्यापन कर लिया जाए।
बरामद बच्चों के संबंध में यदि किसी अपराध का होना पाया जाए तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल अभियोग दर्ज किया जाए। कहा कि बच्चों से संबंधित कानूनी एवं विधिक प्रावधानाें की जानकारी देने को प्रत्येक जिले में पहले वर्कशाप आयोजित कर ली जाए। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल में पांच-पांच टीम, ऊधमसिंह नगर में चार, उत्तरकाशी में दो और अन्य जिलाें में एक-एक टीम गठित की गई है।
पुलिस अधीक्षक अपराध सुखबीर सिंह, उप जिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कविता शर्मा, सुधा देवरानी, श्री सुधीर भट्ट, राजकीय शिशु सदन की अधीक्षिका सुनीता सिंह, मुख्य प्रवर्तक नन्हीं दुनिया किरन उल्फ त, अध्यक्ष चाइल्ड लाइन अदिति कौर, सुरेश उनियाल, पंकज कुमार आदि इस दौरान मौजूद रहे।