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युवती के हमलावरों को एक माह बाद भी नहीं ढूंढ पाई पुलिस
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युवती पर हमला करने वाले आरोपियों को पुलिस एक माह बाद भी नहीं ढूंढ पाई है। पुलिस की कार्यप्रणाली से तंग आकर पीड़ित के पिता ने डीजीपी को शिकायत की है। डीजीपी ने मामले की जांच डीआईजी कानून व्यवस्था को सौंपी है। डीआईजी ने सोमवार को मुकदमे के विवेचना अधिकारी को मुख्यालय में तलब किया है।
मामला धारा चौकी क्षेत्र के कालीदास रोड का है। यहां एक फरवरी को देवेंद्र नैथानी अपनी बेटी के साथ रात के समय टहल रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए युवकों ने उनकी बेटी के सिर पर पीछे से डंडा मार दिया। घायल युवती को उसके पिता ने अस्पताल पहुंचाया। गनीमत रही कि उसकी जान बच गई। इसके बाद चार फरवरी को उन्होंने धारा चौकी में शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की।
देवेंद्र नैथानी का कहना है कि इस मामले की जांच में विवेचना अधिकारी ने क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज आदि अपने कब्जे में लिए हैं। फुटेज में पता चल रहा है कि युवकों कुछ दूरी पर ही शराब पी थी। इसके बाद वह मोटरसाइकिल को तेजी से दौड़ाते हुए उनके पास तक आ गए और उनकी बेटी पर हमला कर दिया। देवेंद्र का कहना है कि विवेचना अधिकारी लगातार कभी किसी ड्यूटी में तो कभी किसी काम में व्यस्त होने की बात कहते हुए जांच को टाल रही है।
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इस मामले में उन्होंने डीजीपी अशोक कुमार से मिलकर शिकायत की। डीजीपी ने डीआईजी कानून व्यवस्था पी रेणुका देवी को मामले की जांच सौंपी है। डीआईजी ने सोमवार पुलिस और वादी को मुख्यालय में बुलाया है।
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मामला धारा चौकी क्षेत्र के कालीदास रोड का है। यहां एक फरवरी को देवेंद्र नैथानी अपनी बेटी के साथ रात के समय टहल रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए युवकों ने उनकी बेटी के सिर पर पीछे से डंडा मार दिया। घायल युवती को उसके पिता ने अस्पताल पहुंचाया। गनीमत रही कि उसकी जान बच गई। इसके बाद चार फरवरी को उन्होंने धारा चौकी में शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की।
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देवेंद्र नैथानी का कहना है कि इस मामले की जांच में विवेचना अधिकारी ने क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज आदि अपने कब्जे में लिए हैं। फुटेज में पता चल रहा है कि युवकों कुछ दूरी पर ही शराब पी थी। इसके बाद वह मोटरसाइकिल को तेजी से दौड़ाते हुए उनके पास तक आ गए और उनकी बेटी पर हमला कर दिया। देवेंद्र का कहना है कि विवेचना अधिकारी लगातार कभी किसी ड्यूटी में तो कभी किसी काम में व्यस्त होने की बात कहते हुए जांच को टाल रही है।
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इस मामले में उन्होंने डीजीपी अशोक कुमार से मिलकर शिकायत की। डीजीपी ने डीआईजी कानून व्यवस्था पी रेणुका देवी को मामले की जांच सौंपी है। डीआईजी ने सोमवार पुलिस और वादी को मुख्यालय में बुलाया है।